फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाली पड़े हाता से भारी मात्रा में तेजाब बरामद

Fri, 08 May 2015 11:36 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
कमालगंज थाना पुलिस ने वाहन धुलाई केंद्र के पास बने हाते से शुक्रवार को भारी मात्रा में तेजाब बरामद किया। इस दौरान पुलिस ने धुलाई केंद्र मालिक के पुत्र और किराएदार को हिरासत में ले लिया। सूचना पर एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। एसडीएम ने हाता सील करा दिया।
विज्ञापन


थाना पुलिस को सूचना मिली कि कोआपरेटिव बैंक के पास गाड़ी धुलाई केंद्र के पास बने हाते में भारी मात्रा में तेजाब रखा है। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर हाते से 40 लीटर वाली 16 केन तेजाब, तेजाब से भरा 100 लीटर ड्रम, 82 गत्ते तेजाब से भरी बोतलें और भारी मात्रा में खाली बोतलें बरामद कीं। 14 खाली ड्रम भी पुलिस को मिले। पुलिस ने सभी कब्जे में ले लिए। इस

दौरान पुलिस ने धुलाई केंद्र मालिक लक्ष्मीकांत के पुत्र मोहित कुमार निवासी सुभाषनगर को हिरासत में लिया। मोहित ने बताया कि जीतू निवासी उसराहार जिला मैनपुरी को दो माह पहले ही उसने हाता किराए पर दिया था। पुलिस ने जीतू को भी हिरासत
विज्ञापन


में ले लिया। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम सदर सुनील वर्मा और सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे मौके पर आए और मौका मुआयना किया। एसडीएम ने हाता सील करा दिया। समाचार लिखे जाने तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। एसडीएम ने बताया कि मामला संगीन है। इसकी जांच की जा रही है।

धाराओं की खोज में पसीने-पसीने हुए अफसर
कसबे में तेजाब का जखीरा मिलने के बाद गुड वर्क गिना रही पुलिस और प्रशासनिक अफसर थाने पहुंचते ही चक्कर में फंस गए। मुकदमा लिखने की बारी आई तो धाराओं को लेकर पसीने-पसीने होने लगे। किसी ने कानपुर तो किसी ने लखनऊ मोबाइल की घंटी घनघनाई, लेकिन मिले तेजाब को किस धारा में दर्ज किया जाए, इसका जवाब नहीं सूझा। जिलेभर के तजुर्बेकार मुंशियों को भी इस काम में लगाया गया। 

कस्बे में लक्ष्मीकांत के हाते में मिले 40 लीटर की 15 केन, 1 ड्रम में 100 लीटर, बड़ी संख्या में पैक पेटियां व खाली बोतलें पकड़ने और लक्ष्मीकांत के बेटे मोहित व तेजाब बेचने वाले जीतू को हिरासत में लेने के बाद पुलिस टीम थाने लौटी। यहां एसडीएम सदर भी बुला लिए गए। थाना में एफआईआर बुक  में कार्बन लगा लिया गया। एफआईआर लिखना शुरू करते ही

अपराध की धाराओं का पेच फंस गया। मुंशी ने अपने अधिकारियों से पूछा तो वह भी चुप्पी साध गए। एसडीएम सुनील वर्मा, सीओ कालूराम भारती को धाराएं नहीं सूझी। इसके बाद जिलेभर के थानों में तैनात वरिष्ठ मुंशी को कॉल लगाए गए, लेकिन जवाब नहीं मिला। इस बीच आसपास के जिलों के अलावा कानपुर और लखनऊ से भी संपर्क किया गया।  कुछ मुंशी

एक्ट और शासनादेश पलटने लगे। फिर भी अपराध की धाराएं नहीं मिली। आखिरकार रात 10 बजे एसडीएम वापस लौट गए। तय हुआ कि रातभर खोज की जाएगी फिर सुबह लिखा जाएगा। रात करीब 10.30 बजे थानाध्यक्ष यतेंद्र सिंह यादव ने बताया कि इस मामले में धारा 285 के तहत रिपोर्ट लिखने की तैयारी चल रही है। विशेषज्ञों से राय ली जा रही है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें