ट्रक चालक की हत्या के मामले में पत्नी ने उसके मौसेरे भाई के खिलाफ कोर्ट के आदेेश पर नवाबगंज थाने मुकदमा दर्ज कराया था। रिश्तेेदार सिपाही की पैरवी के चलते आरोपी को पुलिस दो बार क्लीन चिट दे चुकी। इसके बावजूद पत्नी ने हार नहीं मानी।
प्रकरण संज्ञान में आने के बाद एसपी ने एएसपी, सीओ मोहम्मदाबाद व स्वाट टीम को शीघ्र खुलासे का जिम्मा सौंपा। इसके तीन दिन में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
नवाबगंज क्षेत्र के कुतुबुद्दीनपुर निवासी नृपेंद्र सिंह ट्रक चलाते थे। उनके साथ मौसेरा भाई गांव मिल्क सुल्तानपुर निवासी राजीव कुमार हेल्पर था। रिश्तेेदार होने की वजह से एक-दूसरे के घर आना-जाना था। जून 2018 को नृपेंद्र ट्रक लेकर मौरंग लेने गए थे।
हमीरपुर से राजीव का फोन आया कि नृपेंद्र की अचानक तबियत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव गांव लाया गया। सिर में चोट देखकर नृपेंद्र की पत्नी उर्मिला व परिजनों को शक हुआ। इस पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में आयी गंभीर चोट बताया गया।
लेकिन पुलिस ने घटनाक्षेत्र हमीरपुर का बताकर टरका दिया। इस पर उर्मिला ने कोर्ट के आदेश पर हेल्पर राजीव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। राजीव का एक रिश्तेदार कानपुर में तैनात सिपाही की पैरवी के चलते थाने के दो इंस्पेक्टरों ने आरोपी को थाने में पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे दी।
जबकि पैरवी के लिए उर्मिला प्रत्येक सप्ताह थाने के चक्कर लगाती रही। आखिरकार उर्मिला ने पुलिस अधीक्षक डा.अनिल मिश्र के सामने पेश होकर पूरी दास्तान सुनाई। एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, सीओ मोहम्मदाबाद व स्वाट टीम को शीघ्र घटना का खुलासा करने को कहा।
एसपी ने शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि नृपेंद्र की हत्या अवैध संबंधों के शक में की गई थी। आरोपी राजीव ने स्वीकार किया कि ट्रक की केबिन में सोते समय उसने लोहे की राड से सिर पर हमला किया था। इससे नृपेंद्र की मौत हो गई।
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। खुलासे में सर्विलांस टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ट्रक चालक की हत्या का खुलासा, आरोपी मौसेरा भाई गिरफ्तार
पुलिस के टरकाने पर पत्नी ने कोर्ट का लिया था सहारा
जांच में भी दो बार पुलिस दे चुकी आरोपी को क्लीन चिट