फर्रुखाबाद/साहिबाबाद। लखनऊ और बाराबंकी में 2018 में डकैती और हत्या के मामले में वांछित चल रहे बावरिया गिरोह के 50 हजार के इनामी बदमाश को एसटीएफ और साहिबाबाद पुलिस ने मिलकर गिरफ्तार किया है। इसके पास से पुलिस ने पांच किलो गांजा, एक तमंचा और एक बाइक बरामद हुई है। बदमाश पर करीब दो दर्जन से अधिक हत्या, लूट और डकैती के मुकदमे दर्ज हैं।
एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली थी कि 50 हजार का इनामी बदमाश फर्रुखाबाद निवासी रामकिशोर बहेलिया उर्फ काले प्रधान उर्फ प्रधान भोपुरा स्थित डिफेंस कालोनी में किसी काम से आ रहा है। एसटीएफ और साहिबाबाद पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर भोपुरा डिफेंस कालोनी कट के पास कच्चे रास्ते से उसे दबोच लिया। वह करीब एक साल के दिल्ली-एनसीआर में जगह बदल- बदलकर रह रहा था। हाल में वह दिल्ली के नजफगढ़ में रह रहा था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि वह 10 से 12 सदस्यों के साथ वारदात करता था। यूपी में वारदात कर वह मध्यप्रदेश और दिल्ली में छिप जाते थे। लखनऊ, बाराबंकी और फर्रुखाबाद में डकैती और हत्या में उसी का हाथ था। 3 फरवरी 2018 को मुठभेड़ के बाद पुलिस ने बावरिया गिरोह के चार बदमाशों को जेल भेज दिया था, इनमें गिरोह का सरगना विनोद भी था। पुलिस तभी से रामकिशोर की तलाश में जुटी थी।
17 वर्ष की आयु से कर रहा है अपराध
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी कालू ने 17 वर्ष की आयु में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। उसके खिलाफ एटा, फर्रुखाबाद, सीतापुर, कौशांबी, लखीमपुर, सहारनपुर, गौंडा, जालौन, गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, गाजियाबाद और बाराबंकी के थाने में 21 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी था आतंक
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव गैसिंगपुर निवासी राजकिशोर बहेलिया वर्ष 1995 में प्रधान भी रह चुका है। उसके खिलाफ कोतवाली के अलावा शमसाबाद थाने में भी मामले दर्ज हैं। उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली है। वर्ष 2000 में सीतापुर के चेयरमैन के घर पड़ी डकैती में कई लोग मारपीट में घायल हुए थे। लखीमपुर में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2002 में सहारनपुर के पूर्व विधायक निर्भय पाल शर्मा की डकैती के दौरान हत्या कर दी गई थी। वर्ष 1999 में एटा में डकैती के दौरान युवक की हत्या कर दी गई थी। वर्ष 2007 में एटा और जालौन में डकैती में कई लोग घायल हुए थे। इन सभी घटनाओं में यह शातिर शामिल था। यूपी के अलावा काला बहेलिया का गिरोह मध्य प्रदेश व राजस्थान में भी सक्रिय है। इसके अलावा गुुर्जर गिरोह, रमेश बावरिया व हवा सिंह गिरोह से भी उसका तालमेल रहा है। हाल ही में लखनऊ व बाराबंकी में डकैती की कई घटनाओं को अंजाम देने के बाद काला बहेलिया एसटीएफ की रडार पर था। उसकी गिरफ्तारी के बाद की जा रही पूछताछ में कई अन्य घटनाओं के खुलासे होने के आसार हैं। मुहम्मदाबाद सीओ राजवीर सिंह ने बताया कि काला बहेलिया की गिरफ्तारी हुई है। उसके संदर्भ में अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।