फर्रुखाबाद। कारखाना बंदी के आदेश के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कई वस्त्र छपाई कारखाने चलते मिले। नरकसा में एक कारखाना मालिक ने गेट ही नहीं खोला। टीम ने दो जेनरेटर और चार विंच मशीनें सील कराई हैं।
सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता डॉ. एके माथुर, तहसीलदार सदर प्रदीप सिंह, बिजली टीम और पुलिसबल के साथ गुरुवार को श्यामनगर में चल रहे वस्त्र छपाई कारखानों में छापेमारी की। यहां एक कारखाना बंद मिला, जबकि फतेहसिंह के कारखाने के अंदर एक बड़ी हौद में पानी में सफेद कपड़ा भीग रहा था। कारखाना मालिक के बेटे ध्रुव कुमार ने बताया कि करीब एक माह से कारखाने बंद किए हैं। सिर्फ कपड़ा धोकर सुखा रहे हैं। छपाई नहीं की जा रही है। टीम ने इनके यहां लगी दो विंच मशीनें और एक जेनरेटर सीज कर दिया। इसके बाद टीम नरकसा नीरज साध के कारखाना पहुंची। कारखाना अंदर से बंद था, लेकिन उसके अंदर से रंगीन पानी निकल रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम काफी देर तक गेट खुलवाने का प्रयास करती रही, लेकिन गेट नहीं खोला गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
टीम ने बालाजीपुरम में सुनील यादव के कारखाना की दो विंच मशीनें और एक जेनरेटर सील कराया। खानपुर में छपाई मालिक आदित्य कटियार से कारखाना से जेनरेटर हटाने को कहा। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि 14 जनवरी को जिलाधिकारी के साथ छपाई कारखानों की बैठक है।
टीम ने देखा बायोरेमिडिएशन यंत्र
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भैरवघाट नाला पर लगी बायोरेमिडिएशन यंत्र देखने पहुंची। यहां ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर गोविंद कुमार मौजूद नहीं मिले। जानकारी मिलने पर वह मौके पर आ गए। सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान ने फटकार लगाते हुए कहा कि ड्यूटी पर ही रहा करें। ब्यूरो