किसान सेवा सहकारी समिति दक्षिणी की मिनी बैंक (निक्षेप केंद्र) व समति में करीब 76 लाख के घोटाले के मामले में एक सप्ताह बाद भी उच्चाधिकारियों से परमीशन न मिलने से एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। वहीं सहमति ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली में रिमाइंडर दिया।
कंपिल रोड स्थित सहकारी समिति दक्षिणी की मिनी बैंक में खाताधारकों की जमा रकम व समति में किसानों की रकम में करीब 76 लाख का घोटाला जांच में पिछले दिनों पकड़ा गया था। समिति के अध्यक्ष सुशील राजपूत की शिकायत पर मिनी बैंक व समति को सील कर दिया गया था।
डीएम मोनिका रानी के आदेश पर सील खुलवाकर जांच शुरू हुई तो जांच अधिकारी एडीसीओ ने जांच में 76 लाख का घोटाला पाया।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर एडीसीओ ने पिछले सप्ताह एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी थी। इसमें समिति के तत्कालीन प्रबंध निदेशक व सचिव, तत्कालीन सहायक आयुक्त, सहायक निबंधक, जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक तथा आडिट टीम को भी सहयोग करने में दोषी मानते हुए आरोपी बनाया गया।
कोतवाली में दी गई तहरीर में समिति के बड़े अधिकारी शामिल होने की वजह से प्रभारी निरीक्षक ने एफआईआर दर्ज करने के लिये उच्चाधिकरियों से परमीशन मांगी है। परमीशन अभी तक न मिलने से एक सप्ताह बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है।
शुक्रवार को समिति ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिये कोतवाली में रिमाइंडर भेजा है। प्रभारी निरीक्षक जसवंत सिंह ने बताया एफआईआर दर्ज करने के लिए उच्चाधिकारियों से परमीशन मांगी गई है। इसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।
किसान सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष सुशील राजपूत ने कहा मिनी बैंक में गरीब किसानों ने अपना पेट काटकर बचत कर रुपये जमा किए थे। किसानों की यह रकम का घोटाला हो गया। किसानों का जमा धन वापस न हुआ तो पीड़ित किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा जांच पूरी हो चुकी है। घोटाले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों की लड़ाई लड़ी जाएगी। उनका जमा धन वापस कराया जाएगा।
76 लाख के घोटाले में अब तक दर्ज नहीं हुई एफआईआर
सहकारिता के अधिकारी आरोपी होने की वजह से मांगी गई परमीशन
पिछले सप्ताह जांच अधिकारी ने कोतवाली में दी थी तहरीर