फर्रुखाबाद। महिला की मौत के बाद बच्चों को अपने पास रखने के लिए लोहिया अस्पताल परिसर में मायके वालों और ससुरालीजनों के बीच छीनाझपटी हो गई। बीचबचाव कर रहे यूपी 100 के सिपाहियों से मायकेवालों ने हाथापाई कर दी। सख्त रवैया अपनाने पर दोनों पक्ष शांत हुए। सूचना मिलने पर सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को फटकार लगाई। बच्चों को ससुरालीजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
कमालगंज थाने के गांव गदनपुर देवराजपुर निवासी रूपलाल की पुत्री जूली (35) की शादी वर्ष 2012 में बढ़पुर निवासी वेदप्रकाश के पुत्र मोनू जाटव के साथ हुई थी। जूली के दो बच्चे हैं। बुधवार को मोनू से झगड़ा होने पर जूली ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। सूचना पर मायके वाले लोहिया अस्पताल पहुंच गए थे और ससुरालीजनों व मायकेवालों के बीच जमकर विवाद हुआ था। गुरुवार को लोहिया अस्पताल परिसर में जूली की मां लज्जावती और सास सोनम के बीच जूली के बच्चे अपने-अपने पास रखने को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष बच्चों को छीनने लगे।
यूपी 100 के सिपाही अर्जुन कुमार और वेदप्रकाश ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया तो मायके वालों ने सिपाहियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। सिपाहियों ने जब कड़ा रुख अपनाया तो वह लोग शांत हुए। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी रामलखन सरोज मौके पर पहुंचे और उन्होंने दोनों पक्षों को कड़ी फटकार लगाई। सीओ सिटी ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पति समेत पांच पर दहेज हत्या की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र के गदनपुर देवराजपुर निवासी कैलाशचंद्र ने बहन के पति मोनू, ससुर वेदप्रकाश, सास सोनम, देवर रंजीत और बुआ राममूर्ति के खिलाफ दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा कि शादी के बाद ससुरालीजन दहेज में बाइक और 50 हजार रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने बहन को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। छह मार्च को ससुरालीजनों ने दहेज के लिए बहन की हत्या कर उसके शव को फांसी पर लटका दिया। पड़ोसियों ने उसे जानकारी दी तो वह लोग लोहिया अस्पताल पहुंचे। शहर कोतवाल रवि श्रीवास्तव ने बताया कि मोनू और उसके भाई को पकड़ लिया गया है।