अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। मेरापुर थाना क्षेत्र के नौगांव निवासी दिव्यांग युवक ने दिल्ली से लौटते समय हजारा नहर में कूद कर जान दे दी। वह नहर के किनारे ही सुसाइड नोट भी छोड़ गया। इसी से उसकी शिनाख्त हुई। एटा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नौगांव निवासी दिव्यांग विजय सिंह (20) के तीन भाई नरवीर, धनवीर व अशोक दिल्ली में रहकर कबाड़ का काम करते हैं। गांव में माता-पिता व परिवार के अन्य लोग रहते हैं। विजय की शादी नहीं हुई थी। वह एक माह पूर्व भाइयों के पास घूमने गया था। दो दिन पहले शुक्रवार को वह वहां से घर आने के लिए निकला। रास्ते में एटा के पास हजारा नहर पर वह बस से उतर गया। वहीं पर एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उसने लिखा कि मैं अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं। इसके लिए किसी को परेशान न किया जाए। एक कागज में यह लिखकर नहर किनारे रख दिया। बाद में चरवाहों को वह सुसाइड नोट मिला। उन्होंने मामले की सूचना एटा पुलिस को दी। पुलिस ने पीएसी आदि की मदद से जाल लगवाकर उसे खोजने का प्रयास किया, लेकिन कोई पता नहीं चला।
रविवार को एटा के गोपालपुर के पास ग्रामीणों को एक शव नहर की झाड़ियों में फंसा मिला। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने सुसाइड नोट पर लिखे नंबर पर फोन कर परिजनों को मामले की सूचना दी। भाई ने मौके पर पहुंच कर उसकी शिनाख्त की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया गया है। इधर, गांव में शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में चीत्कार मच गया। उसके दरवाजे पर लोगों की भीड़ लग गई।