सहारनपुर के बेहट के आलमपुर कलां गांव में पिछले काफी समय से बड़े पैमाने पर की जा रही कच्ची शराब बनाई जा रही है। लंबे समय से ग्रामीण इस पर अंकुश लगाने की मांग करते आ रहे हैं। आबकारी और पुलिस विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने अवैध शराब की कसीदगी के खिलाफ खुद ही मोर्चा संभाल लिया।
रविवार को महिलाओं ने बच्चों सहित गांव के जंगल में पहुंचकर शराब की भट्ठियों को ढूंढा और उन्हें नष्ट किया। इस भीड़ ने जंगल से करीब 60 भट्ठियों को ढूंढकर उन्हें नष्ट किया। बता दें कि कोतवाली क्षेत्र के गांव आलमपुर कलां एवं मेघन मजरा में कच्ची शराब की कसीदगी को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं।
कच्ची शराब को लेकर हंगामे प्रदर्शन तक हो चुके हैं। कोतवाली और तहसील दिवस में भी शिकायतें की गईं। लेकिन शराब की कसीदगी करने वालों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। ज्यादातर मामलों में पुलिस ने आरोपियों को कोतवाली से ही जमानत दे दी गई। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को ही धमकाना शुरू कर दिया था।
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि अब तीन दिन से आलमपुर कलां की महिलाएं पुलिस को गांव में बड़े पैमाने पर शराब की कसीदगी के बारे में सूचना दे रही थीं। लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस पर महिलाओं को खुद ही एक्शन लेना पड़ा। महिलाओं ने रविवार को बच्चों को साथ लेकर गांव और आसपास जंगल में लगाई गईं शराब की भट्ठियों को ढूंढा और उन्हें तोड़ डाला।
उनका स्क्रैप गांव में इकट्ठा कर लिया। रीना, सत्तो, शशि, कर्मवती, अंगूरी, बाला, रेशमा, कश्मीरी, मछला, सुषमा, जग्गो, संगीता, राधा, अमिता, गीता, राजकली, राजो, बबीता, कलाशो आदि ने बताया कि गांव में ही अवैध शराब मिलने के कारण नशाखोरी बढ़ रही है। शराब के नशे में पति उनसे मारपीट करते हैं। नशे की लत पूरा करने के चक्कर में कुछ ने तो घर का सामान तक बेच दिया है।
इस नशाखोरी से परिवार और अन्य लोगों को बचाने के लिए उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उधर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छोटे सिंह का कहना है कि पुलिस शराब कसीदगी करने वालों पर लगातार कार्रवाई करती रही है। कुछ ग्रामीणों के शराब की भट्ठियां तोड़ने के बारे में सूचना मिली थी। पुलिस टीम को भेज दिया गया है।
प्रशासन की अनदेखी पर फूटा गुस्सा
बेहट। आलमपुर कलां गांव में महिलाओं का कच्ची शराब की कसीदगी को लेकर फूटा गुस्सा लगातार पुलिस प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। इस गांव की महिलाएं पिछले काफी समय से गांव में हो रही कच्ची शराब की कसीदगी को लेकर लगातार शिकायतें कर रही है। तीन दिन पहले भी इन महिलाओं ने पुलिस से इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
आबकारी विभाग को भी इसके बारे में कई बार तहसील दिवस के माध्यम से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आबकारी विभाग ने भी कच्ची शराब बनाने के इस कारोबार के खिलाफ कोई प्रभावी अभियान आज तक नहीं चलाया, जिससे कि कच्ची शराब की कसीदगी पर अंकुश लग सकें। पुलिस प्रशासन की अनदेखी के चलते रविवार को महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शराब के इस कारोबार को बंद कराने के लिए खुद ही बीड़ा उठा लिया।
आलमपुर कलां में क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि वहां पर कच्ची शराब की कसीदगी की जा रही है, तो यह गंभीर मामला है। शराब बनाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
ब्रह्मपाल सिंह, सीओ बेहट
उनके द्वारा पूर्व में मेघन मजरा गांव में शिकायत मिलने पर कई दिन तक बड़े स्तर पर अभियान चलाकर कच्ची शराब बनाने का काम बंद कराया गया था। आलमपुर कलां की सूचना उन्हें आज मिली है। जल्द ही अभियान चलाकर शराब बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनकी धरपकड़ करते हुए बनाई गई शराब को नष्ट कराया जाएगा।
हरीशचंद्र, आबकारी निरीक्षक बेहट