अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। घरेलू विवाद से त्रस्त खोया आढ़ती ने सोमवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। उसने 2007 में प्रेम-विवाह किया था।
कोतवाली शहर के आजाद नगर राजीव गांधी नगर निवासी रंजीत भदौरिया (27) की चौक बाजार की मंडी में खोया की आढ़त है। बड़ा भाई अजीत भी आढ़त में बैठता है। रंजीत भदौरिया ने वर्ष 2007 में जिला फतेहपुर के महुआ की रहने वाली अंजली से प्रेम विवाह किया था। उसके एक छह वर्षीय पुत्री खुशी है। सोमवार की रात रंजीत और उसकी पत्नी अंजली अलग-अलग कमरों में लेटे थे। अंजली के साथ उसकी छह वर्षीय पुत्री खुशी लेटी थी।
मंगलवार की भोर पत्नी जब रंजीत के कमरे में पहुंची तो पति फंदे से लटक रहा था। उसने शोर मचाया तो परिवार के अन्य लोग आ गए। फंदा काट कर रंजीत को आवास विकास तिराहा स्थित नर्सिंगहोम लाया गया। यहां डॉक्टरों ने जवाब दे दिया। इसके बाद परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डा. योगेंद्र सिंह ने रंजीत को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी अचेत हो गई।
परिजनों ने बताया कि रंजीत घरेलू कलह से काफी परेशान रहता था। रंजीत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसका एक भाई सुरजीत सैनिक है। इस समय वह मेरठ में तैनात है। वह कुछ दिन पहले छुट्टियों पर घर आया है। रंजीत नीचे वाले हिस्से में रहता था। उसके दोनों भाई ऊपर के हिस्से में रहते हैं।