फर्रुखाबाद। दुष्कर्म पीड़ित पर तेजाब फेंक कर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस लापरवाही बरत रही है। लोहिया अस्पताल में महिला ने चार लोगों ने खुलकर नाम बताए थे, उसने मजिस्ट्रेट को बयान भी दिया, इसके बावजूद पुलिस ने एक ग्रामीण की तहरीर पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली।
फतेहगढ़ की मूल निवासी महिला कानपुर शहर मेें रहती है। उसके साथ इसी साल मई में चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इसमें बीएसएनएल में अधिकारी अमर सिंह राठौर निवासी फतेहगढ़, अजय प्रताप सिंह निवासी मैनपुरी बीएसएन, बलजीत सिंह सरदार सिखलाई रेजीमेंट में सैनिक और योगेंद्र सिंह राठौर के खिलाफ महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने अमर सिंह, अजय और योगेंद्र को जेल भेज दिया था जबकि बलजीत के खिलाफ जांच चल रही है। दोनों बीएसएनएल अधिकारी निलंबित भी कर दिए गए थे। अजय सिंह अभी जेल में हैं जबकि दो आरोपी जमानत पर बाहर हैं। इसी मुकदमे के सिलसिले में रविवार को महिला फतेहगढ़ निवासी अपने वकील से मिलने आई थी।
उसी दिन शाम को लौटते समय रास्ते से चार लोगोें ने उसे उठा लिया और एक कमरे में बंद कर दिया था। सोमवार शाम को अंधेरा होने पर महिला के हाथ-पैर बांधकर चारों लोगों ने वैन में डाला और रार रोड स्थित एमआर ईट भट्ठा के पास तेजाब डाल दिया था।
लोहिया अस्पताल से उसे कानपुर रेफर किया गया था। लोहिया अस्पताल में मजिस्ट्रेट ने देर राम महिला के बयान भी दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार महिला ने चारों आरोपियों के नाम बताए। मोहल्ले के मंजीत यादव की तहरीर पर पुलिस ने धारा 326 में अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है।
पूरा मामला स्पष्ट होने के बावजूद पुलिस महिला की तहरीर का इंतजार कर रही है। सीओ सिटी शरद चंद्र शर्मा का कहना है कि अभी तक महिला के पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-पीड़िता पर तेजाब फेंकने का मामला
-नाम बताने के बाद भी पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की
अमर उजाला ब्यूरो