फर्रुखाबाद। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सिद्धार्थ हास्पिटल के संचालक समेत तीन डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के हरसिंगपुर गांव निवासी सत्यभान ने आरोप लगाया कि पांच मार्च 2018 को उसने पुत्रवधू शालिनी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सिद्धार्थ हास्पिटल में भर्ती कराया था। 6 मार्च को डाक्टरों ने लापरवाही से शालिनी का आपरेशन किया इससे नवजात बच्ची की मौत हो गई थी।
अस्पताल में उससे 73 हजार रुपये भी जमा कराए गए, जिसकी पर्ची भी नहीं दी। ऑपरेशन के बाद शालिनी के पेट में फिर दर्द उठा। जब उसे दोबारा हास्पिटल लाए तो डाक्टरों ने फिर से ऑपरेशन बता दिया। इस पर वह बहू को दूसरे अस्पताल ले गए, जहां पता चला कि ऑपरेशन के दौरान डाक्टरों ने शालिनी के पेट में कपड़ा छोड़ दिया था। इसके बाद बहू का दिल्ली में ऑपरेशन कराया, जिसमें लाखों रुपये खर्च हो गए। जब उसने डॉक्टरों से शिकायत की तो उन्होंने उसे जानमाल की धमकी दी।
सत्यभान ने डीएम से शिकायत की। डीएम के आदेश पर भी रिपोर्ट दर्ज न होने पर उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सिद्धार्थ हास्पिटल के संचालक डॉ. विकास अग्निहोत्री, डॉ. रावेंद्र कुमार, डॉ. ऋषिकांत जैन निवासी बढ़पुर और डॉ. अनवर मेराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।