संकिसा। कच्ची शराब पकड़ने गई पुलिस की पिटाई से शुक्रवार देर रात युवक की मौत हो गई। पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने 12 घंटे तक शव नहीं उठने दिया। जमकर हंगामा हुआ। शनिवार दोपहर डेढ़ बजे किसी तरह पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद पत्नी की तहरीर पर मेरापुर थानाध्यक्ष, चौकी इंचार्ज सहित 10 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
मेरापुर क्षेत्र के गांव ब्रह्मपुरी निवासी गौतम उर्फ सेना बहेलिया (35) के घर पर शुक्रवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने कच्ची शराब पकड़ने के लिए दबिश दी। पुलिस गौतम को घर से पीटते हुए 100 मीटर दूर गांव के बाहर मंदिर के पास ले गई। भाई ऊदल बचाने के लिए पहुंचा तो पुलिस कर्मियों ने उसको भी बंद करने की धमकी दी। इससे वह घर भाग गया। कुछ देर बाद ऊदल मां लौंगश्री के साथ मंदिर के पास पहुंचा।
वहां गौतम मृत अवस्था में पड़ा था। ऊदल ने यूपी 112 पर सूचना दी। जानकारी पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाकर विरोध कर दिया। सुबह तक पुलिस कर्मी परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, पर सफलता नहीं हुए। दोपहर को एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एएसपी अजय प्रताप मौके पर पहुंचे।
एडीएम ने परिजनों को आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का भरोसा दिया। पत्नी मंजू ने मेरापुर थानाध्यक्ष जगदीश वर्मा, अचरा चौकी इंचार्ज विश्वनाथ आर्य, सिपाही निखिल, सचिन व छह अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे पुलिस कर्मियों ने जबरदस्ती शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि परिजन एफआईआर की कॉपी देने की मांग कर विरोध करते रहे।