राजेपुर। संविदा लाइनमैनों का एसएसओ के बीच चल रहा विवाद रविवार रात को मारपीट में तब्दील हो गया। विद्युत उपकेंद्र पर दोनों में जमकर लाठी-डंडे चलने के बाद पथराव हुआ। इसमें तीन लोग घायल हो गए। एक तरफ से 10 और दूसरी ओर से 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विद्युत उपकेंद्र राजेपुर में तैनात संविदा लाइनमैन बैजू 29 मई को एक अन्य साथी के साथ 11केवी लाइन जोड़ रहा था। इसी समय एसएसओ ने आपूर्ति चालू कर दी। इससे दोनों लाइनमैन झुलस गए। बैजू की हालत गंभीर होने पर उसका सैफई में इलाज चल रहा है। लापरवाही बरतने में उपकेंद्र पर तैनात चार एसएसओ को हटाने की मांग को लेकर लाइनमैन और एसएसओ में तनाव चल रहा है।
रविवार रा को दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। उपकेंद्र पर लाठी-डंडे चलने के बाद पथराव हुआ। इसमें एक तरफ से रणविजय और पंकज यादव घायल हो गए। दूसरी और से एसएसओ पवन कुमार उर्फ पंकज राजपूत के चोटें आईं।
गांव सुखियापुर निवासी एसएसओ पवन कुमार उर्फ पंकज ने लाइमैन दौलतियापुर निवासी राजेश, शेराखार गौटिया निवासी राजवीर, राजेपुर निवासी सुदीप, भुवनपुर निवासी पवन के अलावा गांव हरिहरपुर निवासी धर्मेंद्र यादव, बमियारी निवासी रणविजय के साथ ही छह अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया कि रविवार रात वह उपकेंद्र में थे, तभी आरोपी आए और पुरानी रंजिश में मारपीट करने लगे।
वहीं, दूसरे पक्ष से गांव बमियारी निवासी घायल रणविजय ने गांव सुखियापुर निवासी एसएसओ पवन कुमार उर्फ पंकज, एसएसओ मोनू, अवनीश के अलावा केपी, इंद्रेश, राहुल, जितेंद्र के खिलाफ नामजद व तीन अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें कहा कि वह साथी धर्मेंद्र यादव के साथ फाल्ट ठीक कराने के लिए उपकेंद्र पर जानकारी देने पहुंचा था। पवन कुमार उर्फ पंकज ने पुरानी रंजिश में अपने साथियों के साथ उसको लाठी-डंडों पीट दिया।
भाजपा नेता के हस्तक्षेप से नहीं हटे एसएसओ
फर्रुखाबाद। करंट से लाइनमैन के झुलसने पर उपकेंद्र पर तैनात चार एसएसओ को हटाने के लिए जेई ने रिपोर्ट एक्सईएन को दी थी। एक्सईएन ने एक जून को कार्यदायी संस्था को हटाने के लिए पत्र लिख था।
एसएसओ को बचाने के लिए भाजपा के एक कद्दावर नेता सामने आ गए। उनके हस्तक्षेप से एसएसओ नहीं हटाए गए। इससे लाइनमैन हड़ताल पर चले गए। अधीक्षण अभियंता के आश्वासन पर भी एसएसओ नहीं हटे। इससे वहां तनाव बढ़ गया और रविवार को विद्युत उपकेंद्र पर मारपीट व पथराव जैसी घटना हो गई।