जहानगंज। किसान की हत्या में पुलिस ने चार नामजद सहित कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। हिरासत में बैठे आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। किसान के शरीर में छाती, कमर व पैर पर आधा दर्जन चोटों के निशान पाए गए।
छाती में बायीं ओर की पसली टूटी और फेफडों में खून भरने से पांच दिन पहले मौत होने की पुष्टि की गई है।
थाना क्षेत्र के गांव हब्बापुर निवासी विमलेेश बाथम ने गांव के अंकित कटियार, उसके भाई राजू, पिता रामतीर्थ, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेकपुर चौरासी निवासी बहनोई अंकित सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ पिता कलक्टर की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
इसमें आरोप लगाया कि पिता कलक्टर ने गांव के अंकित को साठ हजार रुपये उधार दिए थे। 19 अगस्त को अंकित ने पिता को रुपये लेने के लिए अपने घर बुलाया था। इसके बाद से वह घर वापस नहीं पहुंचे। 21 अगस्त को विमलेश ने पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई।
गुरुवार शाम को पिता का शव गांव के सोनू कटियार के खेत में दबा मिला। इन लोगों ने पिता की हत्या कर शव खेत में दबा दिया था। पुलिस ने 21 अगस्त को ही अंकित को हिरासत में ले लिया था। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
खेत में दबे मिले कलक्टर के शव को परिजनों ने गुुरुवार रात बाहर निकालने से रोक दिया था। परिजन पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह गौर व एसओ देवेश कुमार ने परिजनों को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे।
एसपी अशोक कुमार मीणा देर रात मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया। परिजन पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे थे। लगभग दो बजे पुलिस ने लाठियां फटकार कर किसान के शव को कब्जे में ले लिया।
किसान की हत्या की जानकारी पर सोहेल देव पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र, सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष महेशसिंह यादव, महासचिव अजय यादव, जिलाध्यक्ष संजेश कश्यप, पूर्व जिला पंचायत सदस्य उमेश यादव पदाधिकारियों के साथ गांव हब्बापुर पहुंचे।
वहां पुत्र विमलेश से घटना की जानकारी कर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए निकले। पुलिस अधिकारियों को इसकी भनक लगी तो पुलिस लाइन से फोर्स बुलाकर थाने के गेट पर तैनात कर दिया गया। सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह, प्रशिक्षु सीओ अंजनी राय भी वहां पहुंच गईं।
थाने के गेट पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने तहरीर में एक नाम और बढ़ाने की बात कही। इसका विमलेश ने विरोध कर दिया।