फर्रुखाबाद। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति अपात्र व फर्जी छात्रों को दिलाने के लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर दबाव बनाया जा रहा है। आवेदन पत्रों का अग्रसारित न करने पर धमकी दी गई। घर पर लिफाफे में 10 हजार रुपये पहुंचाने की शिकायत एसपी से गई है।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। इसमें कहा कि अगस्त 2019 से वह जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं। शैक्षिक सत्र 2019-20 में मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भारत सरकार की अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के आवेदन भरे गए हैं। इसमें पात्र छात्रों के आवेदन जनपद स्तर से अग्रसारित किए जा चुके हैं। कमालगंज क्षेत्र के एक मदरसा संचालक द्वारा अपात्र व फर्जी छात्रों का डाटा अग्रसारित कराने का विभिन्न स्तरों से दबाव बनाया जा रहा है।
12 दिसंबर को प्रबंधक तीन-चार व्यक्तियों के साथ आए और डाटा अग्रसारित करने को कहा। मना करने पर तमाम तरह के आरोप लगाने लगे व शिकायत की धमकी देकर चले गए। रविवार को अवकाश से वह शहर के बाहर थे तो सुबह 11 बजे मदरसा प्रबंधक उनके आवास पर एक लिफाफा देकर चले गए। कहा कि इसमें जरूरी सूची है, साहब को दे देना। जब वह घर वापस आया तो लिफाफा देखा। उसमें मदरसे के छात्रों की सूची के साथ दस हजार रुपये रखे थे।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने शिकायत में कहा है कि मदरसा प्रबंधक ने किसी षड्यंत्र के तहत उनकी अनुपस्थिति में उनके घर लिफाफा पहुंचाया है। जिससे वह उन ऊपर किसी प्रकार का आरोप लगा सकें। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा कि मदरसा प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र लिखा है। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा का कहना है कि आज परेड में व्यस्त था आफिस में शिकायती पत्र दिया गया होगा। मामले की जांच कराई जाएगी।