लोहाई रोड पर चाय की दुकान को लेकर दो गुटों के बीच चल रहे विवाद को देखते
हुए शुक्रवार को शहर क्षेत्र में भारी पुलिस और पीएसी बल तैनात रहा। इसके
चलते दोनों पक्षों से कोई भी मौके पर नहीं फटका। चाय की दुकान खुली रही। एक
पक्ष ने इसी दुकान को धार्मिक स्थल बता शुक्रवार को खुद की अतिक्रमण हटाने
का एलान किया था। इस पर दूसरा
पक्ष दुकानदार के साथ खड़ा हो गया। टकराव की
आशंका में शुक्रवार को लोहाई रोड छावनी बना दिया गया। जिले के अलावा
कन्नौज और कानपुर देहात का भी फोर्स तैनात रहा। लोहाई रोड पर अमित सक्सेना
की चाय की दुकान है। कुछ दिन पहले कब्जे की नीयत से दुकान में तोड़फोड़ कर
दी गई थी। इससे दो पक्षों में तनाव हो गया। अमित के पक्ष में आए
संगठनों ने
दूसरे पक्ष पर दुकान तोड़ने का आरोप लगाया था। इन्होंने एसपी दिनेश कुमार
पी से मिलकर शहर में शांति व्यवस्था बनाए जाने की मांग की थी। दूसरे पक्ष
ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का एलान कर दिया। इससे टकराव की नौबत आ गई
थी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोहाई रोड के साथ ही सार्वजनिक व
संवेदनशील जगहों पर
फोर्स लगा दिया। चौक बाजार में एसडीएम सदर सुनील
वर्मा, सीओ सिटी योगेश कुमार और दरोगा के साथ ही पीएसी को तैनात किया गया।
तिकोना चौकी के पास सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे के अलावा पुलिस बल की तैनाती
की गई। लालगेट पर दमकल के साथ ही भारी फोर्स को तैनात किया गया। लोहाई
स्थित दुकान के पास कई एसओ और दारोगाओं
के साथ ही पीएसी को तैनात किया गया।
शहर में कायमगंज कोतवाल, एसओ नवाबगंज, शमसाबाद, कंपिल, राजेपुर, कमालगंज,
जहानगंज के अलावा लाइन से फोर्स लगाया गया। सुबह 9.30 बजे से ही फोर्स
मुस्तैद हो गया। इसके अलावा फोर्स रोड पर गश्त करता रहा। एएसपी आरबी
चौरसिया भी जायजा लेते रहे। दोनों पक्षों के नेताओं पर भी पुलिस की
नजर
रही। शहर कोतवाल आरपी यादव ने बताया कि उन्होंने किसी को नंजरबंद नहीं
किया। शहर में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश थे। हिंदू
जागरण मंच के जिला अध्यक्ष राघवदत्त मिश्रा ने कहा कि एसपी ने सही फैसला
लिया है। इस प्रकरण की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
5 लाख के बांड का रहा खौफ
एसपी
ने दोनों पक्षों से 36 लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद किया था।
इनसे पांच-पांच लाख रुपये केे बांड भरवाए गए थे। पुलिस व पीएसी के साथ पांच
लाख रुपये के बांड के डर से दोनों पक्षों से पाबंद कि ए गए ज्यादातर लोग
लोहाई रोड पर निकलने से बचते रहे।