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सीपी ग्राउंड में भगवान राम के जन्म की कथा का बखान

Fri, 09 Jan 2015 11:48 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
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श्रीराम कथा अमृत वर्षा के दूसरे दिन कथा वाचक ने राम जन्म की कथा सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने नारद मोह की व्याख्या करते हुए कहा कि जो मनुष्य अपने जीवन की सफलता को  पुरुषार्थ मानने लगता है, उसी क्षण से उसका पतन शुरू हो जाता है।
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सीपी ग्राउंड मेें श्रीराम कथा महायज्ञ समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा अमृत वर्षा के दूसरे दिन कथा वाचक विजय कौशल महाराज ने नारद मोह की लीला का वर्णन किया। कहा कि दुर्ग़ुण और दुर्विचार मनुष्य को आसानी से प्राप्त हो जाते हैं। सदगुण और सद्विचार कठिनाई से प्राप्त होते हैं।  अहंकारी को प्रशंसा सुनना अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में अपराध की व्यवस्था बदल गई है।

अपराध बड़ा अधिकारी करता है उसकी सजा छोटे कर्मचारियों को झेलनी पड़ती है। यदि इस देश में बडे़ को दंड मिलना शुरू हो जाए तो आसानी से सुधार लाया जा सकता है। मानस मर्मज्ञ ने कहा कि भगवान को संपत्ति से नहीं बल्कि अश्रुपूरित नेत्रों से पुकारा जाए तो वह आसानी से मिल जाते हैं। कहा कि भगवान को दीनता प्यारी है और दीनता अभाव से आती है। जब हम अपने जीवन में प्रभु के अभाव की अनुभूति करेंगे,
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उन्हें कंपकंपाते अधरों और अश्रुपूरित नेत्रों से पुकारेंगे तो वह अवश्य आएंगे। उन्होंने कहा कि गुरु के  सामने समस्या का वर्णन करने से उसका समाधान आसानी से मिल जाता है। महाराजा दशरथ ने भी अपने गुरु से पुत्र प्राप्ति की समस्या को रखा और चार पुत्र उन्हें प्राप्त हुए। राम जन्म होते ही कथा पंडाल जय-जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रोता नाचने लगे।  एक दूसरे को भगवान के जन्म की बधाई दी गई।

इस दौरान चंद्र प्रकाश अग्रवाल, सत्यप्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मी नरायन अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, मनोज कौशल, मिथलेश अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, रजनी गोयल,  प्रहलाद नरायन अग्रवाल, डा. वीडी शर्मा, योगेश तिवारी, राजीव बिंदल, संजय अग्रवाल, पवन गुप्ता, प्रमोद तिवारी, सत्य नरायन अग्रवाल, ज्ञान प्रकाश पाठक आदि ने भगवान की आरती उतारी।
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यहां मुकेश बाथम, संजय शाक्य, पंकज माहौर, राजेश श्रीवास्तव, अमित शाक्य, प्रदीप शाक्य मौजूद रहे। कथा का संचालन आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी ने किया।
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