फर्रुखाबाद। कोविड के दौरान आउटसोर्स पर लगाए गए कर्मचारियों की 31 मार्च तक अनुबंध होने के बावजूद सेवाओं पर रोक लगा दी गई। इसके विरोध में कर्मचारियों ने शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे। सीएमओ ने ज्ञापन लेने से इंकार करते हुए प्रतिदिन किए गए कार्यों को ब्योरा तलब किया।
जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए आउटसोर्स पर लगाए गए करीब 120 कर्मचारी तैनात हैं। इनमें वार्ड ब्वाय, स्टाफ नर्स, एलटी आदि शामिल हैं। दिसंबर में अनुबंध विस्तार कर उनकी 31 मार्च तक सेवा बढ़ाई गई थी। जबकि 13 फरवरी को सीएमओ ने कार्यदायी संस्था विवान पार्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ को पत्र लिख दिया। इसमें कहा कि दिसंबर 2023 तक ही कर्मचारियों से सेवाएं लेने के शासन से निर्देश मिले हैं। इससे आउटसोर्स कर्मियों कर्मचारियों को अपने स्तर से काम न करने के लिए निर्देशित करें।
इसको लेकर कर्मचारी वाहिद, मीरा, निधि, शिल्पी, इंद्रपाल, गौतम सिंह, अशोक आदि सीएमओ कार्यालय पहुंचे। दो कर्मचारी ज्ञापन देने सीएमओ के पास गए तो सीएमओ ने ज्ञापन लेने से मना कर दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने नारेबाजी भी की। कहा कि अब जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराकर ज्ञापन दिया जाएगा। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि अधिकांश कर्मचारी ड्यूटी से गायब रहते हैं। उन्होंने कर्मचारियों से प्रति दिन किए गए काम का ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है।
सीमित परिवार को 27 महिलाओं ने शिविर में कराया आपरेशन
कमालगंज। सीमित परिवार के प्रति जागरूकता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी आपरेशन शिविर लगाया गया। जिसमें 27 महिलाओं ने आपरेशन कराया। शिविर का शुभारंभ जनपदीय परिवार कल्याण प्रबंधक विनोद कुमार व प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ अजय सिंह ने किया। शिविर में 32 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। इनमें 27 महिलाओं का नसबंदी आपरेशन किया गया। पाॅजिटिव होने से 5 महिलाओं के ऑपरेशन नहीं हुए। कमालगंज ब्लाॅक में 2023-24 में 192 नसबंदी आपरेशन का लक्ष्य है। अब तक 167 आपरेशन हो चुके हैं।