फर्रुखाबाद। शहर कोतवाल पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कोर्ट के आदेश पर हत्या की रिपोर्ट विलंब से लिखने के संबंध में कोतवाल ने कोर्ट में स्पष्टीकरण नहीं दिया। सीजेएम ने कोतवाल को दोबारा से नोटिस जारी कर 9 दिसंबर को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। अनुपस्थित रहने पर प्रकीर्ण वाद दर्ज कर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। कोतवाल को कोर्ट में उपस्थित कराने के संबंध में सीओ सिटी को आदेश दिया गया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला तलैयाफजल इमाम निवासी शिवलाल कश्यप ने गांव भोपतपट्टी निवासी ठाकुर, मऊदरवाजा थाने के मोहल्ला भीकमपुरा निवासी सोनू व मोनू के खिलाफ अदालत में अर्जी दायर की थी। इसमें पुत्र दिनेश कुमार उर्फ दिन्ना की 3 अगस्त 2019 को गला दबाकर हत्या कर शव सड़क किनारे फेंकने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने 12 नवंबर 2019 को शहर कोतवाल को घटना का मुकदमा दर्ज कर तीन दिन में प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति न्यायालय में भेजने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश की प्रति पैरोकार को 13 नवंबर को दी गई थी। एफआईआर की प्रति कोर्ट में न आने पर पीड़ित के अधिवक्ता दीपक द्विवेदी की ओर से 28 नवंबर को दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने शहर कोतवाली से प्रगति रिपोर्ट मांगी।
पुलिस ने 30 नवंबर को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी कापी न्यायालय भेज दी। कोर्ट के आदेश का अनुपालन विलंब से किए जाने के मामले में सीजेएम ने शहर कोतवाल को नोटिस जारी कर सात दिसंबर को स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था। उन्होंने कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दिया न ही स्पष्टीकरण न्यायालय भिजवाया। कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने और कर्त्तव्य पालन में लापरवाही करने में सीजेएम ने कोतवाल को दोबारा से नोटिस जारी किया है। 9 दिसंबर को न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। अनुपस्थित रहने पर प्रकीर्ण वाद दर्ज कर विधि अनुसार कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सीजेएम ने कोतवाल को निर्धारित तिथि पर कोर्ट में उपस्थित कराने का आदेश सीओ सिटी को दिया है।