अपर जिला जज सप्तम हर्षवर्धन ने अधीनस्थ न्यायालय से सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपील सुनवाई के बाद खारिज कर दी है। अधीनस्थ न्यायालय से सुनाई गई सजा को बरकरार कर दिया है। दोष सिद्ध आरोपी को अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा गया।
शहर कोतवाली के मोहल्ला असरफ अली निवासी अरसद पुत्र ओसाफुल हसन ने मऊदरवाजा थानाक्षेत्र के मोहल्ला भाऊटोला निवासी लाल एंड संस कंपनी के प्रोपराइटर राजीव पुत्र छोटे के खिलाफ वर्ष 2015 में परिवाद दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि उसका आरोपी राजीव से व्यवसायिक लेनदेन होता है।
आरोपी ने 23 सितंबर 2008 को 24 हजार रुपये की चेक दी थी। जब चेक विजया बैंक शाखा फर्रुखाबाद के खाते में लगाई तो आरोपी राजीव के खाते में पर्याप्त धन न होने से चेक का भुगतान नहीं हुआ और चेक वापस कर दी गई।
परिवाद में सुनवाई के बाद सीजेएम ने 31 मई 2017 को आरोपी राजीव को एक साल का साधारण कारावास व 35 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया था। इस आदेश के खिलाफ आरोपी राजीव ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की।
इसकी सुनवाई अपर जिला जज सप्तम के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक अभियोजन अधिकारी हरनाथ सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी की अपील खारिज कर दी और सीजेएम कोर्ट से सुनाई गई सजा का बरकरार कर दिया। आरोपी को अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा गया।