फर्रुखाबाद। अपहरण कर किशोरी से दुष्कर्म करने के आठ वर्ष पुराने मामले में दोषी ऋषि कुमार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मेराज अहमद ने सोमवार को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई। दोषी पर 6500 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना ने देने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
थाना राजेपुर के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने गांव के फूलचंद्र, उसकी पत्नी और पुत्री पिंकी के विरुद्ध 17 मई 2017 को शिकायत की थी। कहा कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 9 मई 2017 को सुबह नौ बजे किसी काम से फूलचंद्र के घर गई थी। आरोपियों ने पुत्री को नए कपड़े पहनाकर कहीं भेज दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मामले में अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की।
जांच के दौरान नामजद आरोपियों की संलिप्तता गलत पाई गई। विवेचक ने नामजद आरोपियों के नाम विवेचना के दौरान हटा दिए। जांच में जनपद हरदोई थाना मल्लावां के गांव बिरिया नजीरपुर निवासी ऋषि कुमार का नाम प्रकाश में आया। इस बीच किशोरी को भी पुलिस ने तलाश कर लिया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य होने पर आरोपी ऋषि के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों, पीड़िता के बयान, चिकित्सीय एवं रेडियोलॉजिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को नौ जनवरी को दोषी करार दिया था। दोषी पर लगाए गए जुर्माना से 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए।