यूपी बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का प्रथम दिन शिक्षक संगठनों के विरोध के कारण मूल्यांकन शुरू नहीं हो सका। शिक्षक संगठनों के नेताओं ने मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंच कर हंगामा किया और काम ठप करा दिया। जीआईसी में कोठार प्रभारी से शिक्षक नेताओं का विवाद हुआ।
सोमवार से हाईस्कूल और इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शहर के तीन केंद्रों पर शुरू होना था। मूल्यांकन केंद्र राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़, जीजीआईसी और रस्तोगी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य ने मूल्यांकन की सभी व्यवस्थाएं कर ली थी। मूल्यांकन प्रारंभ होने से पहले ही माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे अन्य शिक्षकों के साथ मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे और कार्य ठप करा दिया। राजकीय इंटर कालेज फतेहगढ़ में कोठार नंबर एक खुला था। शिक्षक
नेताओं ने कोठार बंद कर बाहर बैठने की बात कही। इसको लेकर कोठार प्रभारी और शिक्षक नेताओं में विवाद हो गया। कालेज के शिक्षकों ने मौके पर पहुंच कर मामला शांत कराया। जिलाध्यक्ष लालाराम दुबे ने बताया कि प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रांतीय आह्वान पर तीन दिन तक मूल्यांकन का बहिष्कार किया गया है। इस कारण शिक्षक मूल्यांकन कार्य नहीं करेंगे। पहले दिन किसी भी मूल्यांकन केंद्र पर कार्य नहीं हुआ।
इस दौरान मंत्री नरेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, उपाध्यक्ष मोहित मनोहर तिवारी, प्रदीप जायसवाल, अनिल सिंह, मयंक रस्तोगी, अशोक कुमार, नवलकांत अग्निहोत्री, प्रवीन, जितेन्द्र मौजूद रहे। जीआईसी के प्रधानाचार्य वृज किशोर ने बताया कि शिक्षक संगठन के विरोध के कारण पहले दिन मूल्यांकन कार्य नहीं हो सका।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुरई गुट के नेताओं ने भी मूल्यांकन का बहिष्कार किया। इन्होंने भी मूल्यांकन नहीं होने दिया। संगठन के नेताओं ने रस्तोगी इंटर कालेज में कोठारों में तालाबंदी कराई। बाकी केंद्रों पर भी इन्होंने मूल्यांकन नहीं होने दिया। संगठन नेता हेमनरायण पांडेय, रामनरेश मराल, हरिपाल सिंह, शेर सिंह कुशवाहा, ब्रजेंद्र पाल, रामलड़ैते, संजीव कुमार, गौतम सरकार ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट एपी सिंह को दिया।