फर्रुखाबाद। हत्या व साजिश रचने के मुकदमे में एक दोषी को कोर्ट ने आजीवन करावास की सजा सुनाई। एक लाख रुपये जुर्माना जमा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारवास भोगना होगा। तीन आरोपियों की मुकदमे में सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
हरदोई थाना पचदेवरा के गांव बिल्सड़ निवासी गुड्डी देवी ने 12 नवंबर 1997 को शहर कोतवाली में कन्नौज कोतवाली छिबरामऊ के गांव निगोह खास निवासी नेम कुमार दुबे उर्फ बिलैया, गंगानगर निवासी सुरेश चंद्र, अमृतपुर निवासी राजेंद्र पाठक, मोहल्ला कटरा बू अली निवासी नौशाद के खिलाफ साजिश के तहत हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसमें आरोप लगाया कि 12 नवंबर 1997 को तिकोना चौकी निवासी कल्लू कोरी के यहां पति प्रमोद के साथ आई थी। वहां से पति के साथ हरपालपुर चली गई। वहां से शाम को वापस बस से लालगेट पहुंची। वहीं पास में अमर बैटरी की दुकान पर बैठे सुरेश चंद्र व राजेंद्र पाठक ने पति प्रमोद को रोक लिया। गुड्डी घर चली गई। देर रात तक प्रमोद के घर न पहुंचने पर गुड्डी तलाश करते हुए बैटरी की दुकान पर पहुंची।
वहां प्रमोद लहूलुहान हालत में पड़े मिले। गोली लगने से उनकी मौत हो चुकी थी। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान नेम कुमार उर्फ बिलैया, सुरेश चंद्र, राजेंद्र पाठक की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह की कोर्ट में हुई।
15 दिसंबर को गवाह व साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी नौशाद को साजिश के तहत हत्या के आरोप में दोषी ठहराया दिया था। शनिवार को न्यायाधीश ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक लाख जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माने की रकम में 90 हजार रुपये गुड्डी देवी को भुगतान करने का भी आदेश दिया है।