निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज में काम करते समय मिट्टी धंसने से एक मजदूर की
दबकर मौत हो गई। तीन जख्मी हो गए। इस घटना से मजदूरों में आक्रोश फैल गया।
जानकारी पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। मृतक के परिजनों ने ठेकेदार
पर जबरन काम कराने का आरोप लगाया। परिवार के लोगों को मुआवजा दिलाकर शांत
कराया गया।
थाना मऊदरवाजा के गांव अर्राआवाजपुर में कोल्ड स्टोरेज का
निर्माण हो रहा है। इसमें आसपास के गांव के मजदूर काम कर रहे हैं। गांव
नेकपुर खुर्द निवासी धीरज शाक्य (18) पुत्र अनिल शाक्य भी वहां मजदूरी कर
रहा था। यहां बेसमेंट को समतल करने के लिए मजदूर मिट्टी डाल रहे थे। समतल
करते समय मिट्टी धंस गई। इसमें धीरज शाक्य के अलावा उसके गांव के ही सुरजीत
शाक्य, गोपाल शाक्य, गौतम शाक्य, मिट्टी समेत नीचे धंस गए। धीरज पूरी तरह
मिट्टी में दफन हो गया जबकि
सुरजीत और गोपाल के चेहरे दिखाई पड़ रहे थे। ये
मंजर देखकर मजदूरों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। साथ ही वहां मौजूद गार्ड
हरनाथ भी मदद के लिए लोगों को बुलाने लगा। देखते ही देखते काफी संख्या में
मजदूर और गांव के लोग मौके पर आ गए। ये फावड़ा लेकर मिट्टी हटाने लगे और
सुरजीत, गोपाल व गौतम को बाहर निकाल लिया। जिससे उनकी जान बच गई। धीरज को
काफी देर बाद बाहर निकाला जा सका। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसा होते
ही वहां पर मौजूद ठेकेदार
फरार हो गया। सूचना मिलने पर मृतक के पिता अनिल
और उसके तीन अन्य भाई भी पहुंच गए। बेटे का शव देखकर परिजनों में कोहराम मच
गया। सूचना के काफी समय बाद पुलिस मौके पर पहुंची। कोल्ड स्टोरेज मालिक के
न पहुंचने पर मजदूरों में
आक्रोश था। अनिल ने आरोप लगाया कि उसके बेटे
धीरज ने काम करने से मना कर दिया था। उससे जबरन काम कराया जा रहा था।
आक्रोशित गांव के लोगों ने जाम लगाने का प्रयास भी किया लेकिन मृतक के गांव
की प्रधान के पति रमेश यादव ने उन्हें समझाकर जाम लगाने से रोक दिया और
समझौता कराकर तीन लाख रुपये दिला दिए गए।