आठ दिन तक दुष्कर्म करने का आरोप, धमकी और षड्यंत्र के आरोप में चलेगा मुकदमा, सुनवाई के लिए 15 जून की तारीख तय
फर्रुखाबाद। किशोरी के साथ कथित रूप से लगातार दुष्कर्म कराने और उसे धमकाकर चुप रखने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-01 मेराज अहमद की अदालत ने मुख्य आरोपी घनश्याम व एक अन्य तथा पीड़िता की सगी चाची को दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में तलब किया। विशेष पॉक्सो अदालत ने मामले को विशेष सत्र परीक्षण के रूप में दर्ज करने के आदेश देते हुए अभियुक्तों की हाजिरी के लिए 15 जून की तारीख तय की है।
कादरीगेट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि उसकी नाबालिग भतीजी के पिता की मृत्यु हो चुकी है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की इस किशोरी को उसकी चाची ने आरोपी घनश्याम के घर घरेलू काम के बहाने भेजा। आरोप लगाया कि वर्ष 2022 में घनश्याम ने किशोरी से दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप रहने को मजबूर किया। इसके बाद आठ दिनों तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया गया। जब उसने विरोध किया तो चाची ने उसे डराया कि यदि किसी को बताया तो उसकी जान चली जाएगी। पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया कि बाद में चाची का भाई भी उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट को पर्याप्त नहीं माना। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस ने सीडीआर का हवाला तो दिया गया लेकिन उसके समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। ऐसे में पुलिस रिपोर्ट को निर्णायक नहीं माना जा सकता। विद्यालय के टीसी प्रमाणपत्र के आधार पर अदालत ने माना कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी। इसके बाद अदालत ने घनश्याम उर्फ भानू और एक अन्य व्यक्ति समेत पीड़िता की चाची को धारा दुष्कर्म, धमकी देने तथा पॉक्सो एक्ट तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत तलब किया।