भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी। संवाद
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फर्रुखाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में बुधवार को कांग्रेसियों ने थाली व ताली बजाकर विरोध-प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए कांग्रेसियों ने भाजपा कार्यालय घेर लिया। कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दोनों पार्टी के जिलाध्यक्षों के बीच जमकर बहस हुई। वहीं, प्रदर्शन रोकने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सीओ से नोकझोंक हो गई।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर कांग्रेस कमेटी का बुधवार को सांसद व विधायकों के आवास पर किसान कानूनों के विरोध में ताली व थाली बजाकर प्रदर्शन प्रस्तावित था। मंगलवार शाम को ही पुलिस फोर्स लगाकर जिलाध्यक्ष विजय कटियार को नेकपुर चौरासी स्थित आवास पर नजरबंद कर दिया गया। उनके बाहर जाने पर रोक लगा दी गई। सुबह जब कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष के आवास पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात थी। दोपहर बाद जिलाध्यक्ष कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन को निकले तो सीओ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसानों की तो आवाज दबाई ही जा रही है, अब क्या विपक्ष को भी बोलने का मौका नहीं मिलेगा। इसको लेकर हुई नोकझोंक के बाद कार्यकर्ता निकल पड़े। साथ में फोर्स चलता रहा। करीब एक किमी दूर आवास विकास कॉलोनी में स्थित भाजपा कार्यालय घेरकर जमकर नारेबाजी करते हुए ताली व थाली बजाकर प्रदर्शन किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता से कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। जबकि कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की आवाज को दबाया जा रहा है। भाजपा चौधरी चरण सिंह के आदर्शों को कुचलने का कार्य कर रही है। कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर दोनों जिलाध्यक्षों में बहस हो गई। कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने तीनों काले कानूनों को वापस लेने की मांग की। प्रदेश सचिव कौशलेंद्र यादव, पूर्ण प्रकाश शुक्ला, राजीव सैनी, इरफान प्रधान, शकुंतला देवी, अभय यादव, बसी उररहमान, पूजा वाल्मीकि आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।