अमृतपुर। पंचायत घरों के कंप्यूटर तहसील में चलने से सचिवालयों में ताले जड़े हैं। इन कंप्यूटरों से प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की डाटा फीडिंग कराई जा रही है। इससे पंचायत घरों का काम ठप है।
ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस उद्देश्य से शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों (सचिवालय) का निर्माण कराकर कार्यालय खुलवाए गए।
इनमें कंप्यूटर व इंटरनेट की व्यवस्था की गई, जिससे लोग अपने गांव में ही योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकें। तहसीलदार ने क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों के सचिवालयों से कंप्यूटर तहसील में मंगवा लिए।
इन कंप्यूटरों पर करीब एक माह से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों की ई-केवाईसी फीडिंग का काम किया जा रहा है। फीडिंग के लिए 18 पंचायत सहायकों को लगाया गया है।
तहसील में कंप्यूटर लगने से गांव परतापुर कला, आसमपुर, अमृतपुर, नगला हूसा, रतनपुर पमारान के सचिवालयों में ताला पड़ा है। पंचायत सहायक भी तहसील में ड्यूटी दे रहे हैं। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का भुगतान भी लटका है।
ग्राम पंचायत रतनपुर पमारान की प्रधान कीर्ति कुशवाहा ने बताया कि तहसील में कंप्यूटर चले जाने से पंचायत सहायक, सामुदायिक शौचालय की केयरटेकर का मानदेय व हैंडपंप की मरम्मत का भुगतान नहीं हो पा रहा है। तहसीलदार संतोष कुशवाह ने बताया कि उन्होंने एक भी कंप्यूटर नहीं मंगवाया है। एडीओ कृषि लेकर आए हैं।