नवाबगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 40 लाख रुपये से बना ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट का जनता को पांच माह बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा। यहां से एक कंप्यूटर सेट और बायोकेमिस्ट्री मशीन की लीथियम बैटरी गायब होने से कंपनी के कर्मचारी मशीन चालू नहीं कर पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की मनमानी का आम जनता खामियाजा भुगत रही है। 22 तरह की जांच करने वाली बायोकेमिस्ट्री मशीन की बैटरी सीएचसी के स्टोर से ही गायब हो गई। यही नहीं दो कंप्यूटर में से एक कंप्यूटर सेट में सीपीयू, यूपीएस, मॉनीटर, प्रिंटर, कीबोर्ड, माउस सब कुछ गायब है। ऐसे में मरीजों को रिपोर्ट देने में भी दिक्कत होना तय है।
लैब टेक्नीशियन लखन यादव ने बताया कि कंपनी के इंजीनियर ने मशीन का ट्रायल लेने के लिए अपने पास की बैटरी लगाई थी। इसके बाद बैटरी न होने की वजह से मशीन डिब्बे में बंद करके रख दी गई है। जब भी गायब सामान मिल जाएगा, काम शुरू कर देंगे। वहीं, सीएचसी के एक कर्मचारी ने बताया कि सामान गायब होने की पंचायत फार्मासिस्ट संगठन के जिलास्तरीय नेता के सामने पहुंच चुकी है। उन्हीं के दखल के बाद विभागीय अफसरों ने मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब कोई सुनने वाला नहीं है।
सीएचसी के प्रभारी अधीक्षक डॉ. गौरव राजपूत ने बताया कि सामान गायब होने की उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। उनके निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिम्मेदार रुपये देकर बैटरी मंगवाने को कह रहे
सीएचसी में सामान रिसीव करने वाले फार्मासिस्ट कंपनी के कर्मियों को गायब बैटरी की व्यवस्था कराने के लिए फोन कर रहे हैं। एक कर्मचारी ने बताया कि फार्मासिस्ट बैटरी के रुपये देने की बात कह रहे हैं। बैटरी और कंप्यूटर मिलते ही मशीन चालू हो जाएगी।