फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ सिविल लाइन मडै़या में बुधवार को नाले की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने पहुंचे नगर पालिका और तहसील के अधिकारियों ने शिकायत करने वाले की ही टीन शेड और जमीन में लगे इंजन को उखाड़ कर फेंक दिया। इसे लेकर शिकायतकर्ता की मां ने हंगामा किया। प्रशासन ने अतिक्रमण तो हटा दिया लेकिन करीब दस साल से चला रहा विवाद अभी भी बरकरार है।
सिविल लाइन मडैया में नाले की जमीन पर कब्जा होने की शिकायत सुधीर दिवाकर ने की थी। जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए उच्च न्यायालय ने जिला प्रशासन को आदेश दिया है। इसके तहत बुधवार को नगर पालिका सदर ईओ, तहसीलदार सदर कर्मचारियों और पुलिस बल के साथ नाले की जमीन से कब्जा हटवाने पहुंचे। नए सिरे से नाले की पैमाइश करने की बजाए अधिकारियों ने पुरानी पैमाइश के सहारे नाले की खुदाई शुरू कराने के लिए शिकायत करने वाले सुधीर कुमार की टीन शेड और वहां लगे इंजन को उखाड़ दिया।
इस पर उसकी मां शारदा देवी ने विरोध करना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों ने उसको कमरे में ले जाकर बैठा दिया और सुधीर को खरीखोटी सुनाकर हटा दिया। दोपहर से शुरू हुआ अतिक्रमण अभियान शाम तक चला। पालिका ने नाले के लिए कुछ जमीन की खुदाई भी की। पूरा अतिक्रमण न हटने के कारण वहां पर विवाद अभी भी बना हुआ है।
आश्रम बचाने को गलत खुदाई का आरोप
सुधीर कुमार ने नगर पालिका ईओ और तहसीलदार सदर पर आरोप लगाया है कि जिस पैमाइश पर आपत्ति की थी, उसी पैमाइश के आधार पर नाले की खुदाई के लिए अतिक्रमण हटाया गया। ईओ से मौके पर पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर नाला खुदाई को अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया। अब वह उच्च न्यायालय में अवहेलना की कार्रवाई की याचिका दायर करेंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
नई पैमाइश का कोई आदेश नहीं था। पुरानी पैमाइश के आधार पर नाले की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है। इससे पूर्व भी अतिक्रमण हट चुका है। उसी स्थान पर दोबारा अतिक्रमण हुआ था।
राजीव निगम, तहसीलदार सदर
पैमाइश करने का काम तहसीलदार का है। तहसीलदार से मौके पर पैमाइश कराने को कहा तो उन्होंने कहा कि जो पैमाइश उच्च न्यायालय मेें चल रहे मुकदमे में दाखिल हो चुकी है उसी के आधार पर अतिक्रमण हटेगा। तहसीलदार से जो रिपोर्ट मिली। उसी के आधार पर पालिका ने अतिक्रमण हटाया है।
रोली गुप्ता, ईओ नगर पालिका सदर