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Farrukhabad News: बसों की टूटी खिड़कियों से सरसरा रही ठंड, कंपकंपा रहे यात्री

Fri, 03 Jan 2025 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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रोडवेज बस की ​खिड़की का एक शीशा गायब।  - फोटो : रोडवेज बस की ​खिड़की का एक शीशा गायब।
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फर्रुखाबाद। यात्रियों की यात्रा सुगम हो और उन्हें सफर में सहूलियत मिले, यह सारी बातें कागजों पर ही है। फर्रुखाबाद डिपो से संचालित हो रहीं कई बसों की दशा दयनीय है। बदहाल हो चुकी बसों को ठीक न कराते हुए उनसे यात्रियों को ढोने का कार्य किया जा रहा है। बसों की हालत यह है कि उनकी खिड़कियां टूटी हैं तो शीशे भी नहीं हैं। नतीजतन खड़खड़ाती बसों में भीषण सर्दी के दौरान यात्रा कर रहे यात्रियों को सर्दी में ठिठुरना पड़ रहा है। 10 बसों की पड़ताल में दो बसों में यह हकीकत सामने आई।
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यात्रियों से पूरा किराया वसूलने के बावजूद उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही। रोडवेज विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। फर्रुखाबाद में कुल 102 रोडवेज बसें हैं। दिल्ली, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, हरदोई और बदायूं समेत विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन होता है। इनमें से कई बसें खटारा हैं, जिनकी मरम्मत पर रोडवेज विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यह बसें मरम्मत पर निर्भर रहकर रूटों पर दौड़ रही हैं। इनमें कोई न कोई कमी हमेशा बनी रहती है। यदि इंजन सही है तो सीटें टूटी हुई हैं। किराया निजी बसों से काफी ज्यादा होने के बाद भी यात्रियों की रोडवेज बस में यात्रा करना मजबूरी है। उसकी वजह यह है कि बसों के पहुंचने का समय निश्चित रहता है। सुरक्षित यात्रा का विश्वास भी सवारियों को रोडवेज में यात्रा करने को मजबूर कर देता है। यात्रियों को वह सुविधाएं नहीं मिलती हैं, जो मिलना चाहिए। शुक्रवार को हरदोई जा रही फर्रुखाबाद डिपो की बस के शीशे टूटे थे। एक खिड़की रस्सी से बंधी थी। वहीं दूसरी बस में जुगाड़ से खिड़की को बांधा गया था। गेट में जगह होने से बाहर खड़े होकर अंदर की सीटें दिखाई पड़ रही थी। यह हाल कई बसों का है।
वरिष्ठ केंद्र प्रभारी गौरीशंकर ने बताया कि बसों की मरम्मत कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी बस का शीशा, खिड़की अथवा दरवाजा टूटा नहीं होना चाहिए। यदि ऐसा है तो अभियान चलाकर शनिवार को बसों के शीशे सही कराए जाएंगे।
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