फर्रुखाबाद। खेत गई किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने तीसरे दिन तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित परिवार ने एसपी से गुहार लगाई थी। हालांकि सीओ सिटी ने इस मामले में बयान जारी कर घटना को झूठा बताया था।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपने गांव के ही सत्यवीर, बलवीर और अंकित के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें कहा कि 13 जुलाई को 14 साल की बेटी दोपहर में खेतों में शौच को गई थी। तीनों आरोपी पुत्री को जबरन पकड़कर सरकारी अस्पताल में ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। चीख पुकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद अस्पताल के शौचालय में बंद कर दिया गया। काफी देर तक घर न लौटने पर मां ने खोजबीन की।
अस्पताल के शौचालय में चीखने की आवाज सुनी। वहां बाहर से लगी कुंडी खोलकर उसे बाहर निकाला। इसके बाद किशोरी ने मां को घटना की जानकारी दी। मां की तहरीर के बाद सीओ सिटी प्रदीप सिंह और थानाध्यक्ष अमित गंगवार ने गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इसके बाद सीओ सिटी ने बयान जारी कर कहा कि पीड़िता ने वीडियो रिकार्ड बयान में कहा कि उसके साथ कोई भी बलात्कार जैसी घटना नहीं हुई है। मारपीट की घटना के बारे में उसने बताया।
जांच में पता चला कि दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश है। करीब 15 साल पहले एक हत्या हुई थी। उसमें एक पक्ष के लोग जेल में हैं। यही रंजिश है। कुछ और भी आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी जांच की जा रही है। बताया जाता है कि पीड़ित परिवार ने एसपी आलोक प्रियदर्शी के यहां गुहार लगाई थी। इसी के बाद मुकदमा दर्ज हुआ है।