फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में तैनात लिपिक मनमानी ड्यूटी कर रहे हैं। मंगलवार को सीएमओ ने निरीक्षण किया तो छह लिपिक गैरहाजिर मिले। सीएमओ ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
दीपावली के अवकाश के बाद अभी तक सीएमओ कार्यालय में रौनक नहीं लौटी है। शुक्रवार व सोमवार को अवकाश होने से लिपिक शनिवार को भी गायब रहे। रविवार को संविधान दिवस पर सीएमओ कार्यालय में हुए कार्यक्रम व शपथ ग्रहण में भी कोई लिपिक व एआरओ नजर नहीं आए।
सोमवार को डीएम के निरीक्षण में सीएचसी बरौन में तीन डॉक्टर सहित 20 कर्मचारी गायब मिले थे। डीएम की सख्ती पर मंगलवार को सीएमओ ने अपने कार्यालय का निरीक्षण किया। लिपिकों के कक्ष खाली देख उपस्थिति रजिस्टर मंगवाया।
सीएमओ ने बताया कि लिपिक राकेश चंद्रा, अपर्णा पांडेय, ज्ञानदीप शर्मा, मोहित श्रीवास्तव, आलोक सिंह व मलेरिया विभाग के लिपिक सुधाकर गैरहाजिर थे। रजिस्टर पर लिपिक आलोक सिंह का नाम तक दर्ज नहीं था। सीएमओ ने अपने हाथ से उनका नाम दर्ज कर अनुपस्थिति लगाई। कुछ देर बाद लिपिक अपर्णा पांडेय कार्यालय पहुंच गईं।
विभागीय सूत्रों की मानें तो गैरजनपद में रहने वाले लिपिक अक्सर शुक्रवार शाम को ही निकल जाते हैं। एक लिपिक तो बिना सर्विस बुक के ही डेढ़ वर्ष से नौकरी कर वेतन भी ले रहा है। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि अनुपस्थित लिपिकों से स्पष्टीकरण तलब कर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
नहीं मिला अधिकारियों का उपस्थिति रजिस्टर
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने स्टेनो सतवीर से अधिकारियों का उपस्थिति रजिस्टर मंगाया। इस पर स्टेनो ने बताया कि काेई भी एसीएमओ उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं करता है। मनमाने तरीके से एसीएमओ बिना अवकाश लिए ही अपने घरों को चले जाते। कुछ एसीएमओ तो महीने में दो-चार दिन ड्यूटी करने के बाद वेतन का हिसाब कर चले जाते हैं। सीएमओ ने सभी एसीएमओ से रजिस्टर पर प्रतिदिन हस्ताक्षर करवाने के निर्देश दिए।