फर्रुखाबाद। कमालगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को विशेष न्यायालय एससी/एसटी एक्ट ने निरस्त कर दिया। अदालत ने मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट तरुण कुमार सिंह-प्रथम की अदालत में अंतिम आख्या मामले की सुनवाई हुई। आदेश कुमार कठेरिया ने गौरव गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 18 मार्च 2021 की रात रेलवे तिराहे के पास आरोपियों ने उसे रोककर आटा की बोरी उतरवाने को कहा। मना करने पर लाठी-डंडों से मारपीट की तथा अपमानित किया। पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। बाद में पुनर्विवेचना भी हुई और पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट का समर्थन किया।
वादी ने 10 सितंबर को प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उसने बताया कि उसे सात चोटें आई थीं। उसने चश्मदीद गवाहों के बयानों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया। अदालत ने कहा कि चिकित्सीय परीक्षण आख्या में वादी के शरीर पर सात चोटें दर्शाई गई हैं। वादी को न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष और साक्ष्य रखने का अवसर दिया जाना न्यायोचित है।