फर्रुखाबाद। दशकों से विनियमित क्षेत्र में जमे लिपिक को भ्रष्टाचार की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट ने स्थानांतरित कर कायमगंज तहसील से संबद्ध कर दिया। उसके पटल का चार्ज पेशकार को सौंपा गया है।
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में तैनात लिपिक विदुर पाल दशकों से विनियमित क्षेत्र का पटल देख रहे थे। नक्शा पास कराने से लेकर भवन स्वामियों को नोटिस जारी करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी। फतेहगढ़ के मोहल्ला सिविल लाइन मड़ैया निवासी सुधीर कुमार दिवाकर ने जिलाधिकारी से 18 सितंबर को आईजीआरएस पर शिकायत की। कहा कि ब्लू हैवन होटल का निर्माण अवैधानिक रूप से कराया गया है। इस मामले में वाद दर्ज कर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने एक जून को होटल गिराने का आदेश जारी करने के साथ ही होटल मालिक रज्जू उर्फ खालिद दो मुकदमे दर्ज कराए गए।
तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट का स्थानांतरण हो गया। लिपिक विदुर पाल ने होटल मालिक से सांठगांठ कर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट से बैक डेट में हस्ताक्षर करा लिए। शिकायत में लिपिक की आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की बात कही। बैक डेट में हुए आदेश को निरस्त कर लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र ने लिपिक विदुर पाल काे पद से हटाते हुए तहसील कायमगंज से संबद्ध कर दिया। उनके स्थान पर पेशकार महेंद्र कुमार को लिपिक के पटल का चार्ज सौंपा है। सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र ने बताया कि कई मामलों में शिकायतें आ रही थीं। लगातार शिकायतें बढ़ने पर लिपिक को हटाया गया है।
अवर अभियंता ने कार्यभार संभाला
फर्रुखाबाद। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता दीपेंद्र सिंह ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट की शिकायत पर हुई जांच के बाद उनका शासन से 13 जुलाई को जनपद आजमगढ़ के लिए स्थानांतरण किया गया था। इस आदेश के खिलाफ अवर अभियंता ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट से आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने जेई को कार्यभार दे दिया। इस बीच विनियमित क्षेत्र का काम पीडब्लूडी के जेई आरके राजपूत से लिया जा रहा था। (संवाद)