गांव अताईपुर कोहना में चिकनपॉक्स से दो बच्चों की मौत और पितौरा में फैली इस बीमारी से स्वास्थ्य विभाग ने सबक नहीं ली। इसके चलते गांव मझोला में मंगलवार रात एक और बालिका की इसके चपेट में आने से मौत हो गई। गांव में लगभग दो दर्जन से अधिक बच्चे अभी भी चिकनपॉक्स की चपेट में हैं।
पिछले दिनों ग्राम अताईपुर कोहना में चिकनपॉक्स की चपेट में आकर एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्राम पितौरा में भी लगभग तीन दर्जन बच्चे इसी बीमारी की चपेट में आकर बीमार हो गए थे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग इन दोनों गांवों में कोई राहत नहीं दे पाया।
इसी दौरान गांव मझोला में भी चिकनपॉक्स फैल गया। मझोला में फैले चिकनपॉक्स की चपेट में आकर मंगलवार रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान रश्मि (7) पुत्री अमृतलाल की मौत हो गई। रश्मि की मौत से उसकी मां सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। उसका कहना था कि एक माह से उसकी बेटी चिकनपॉक्स की चपेट में थी। लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मी नहीं आया। अगर समय से उसकी बच्ची को टीका लग जाता तो जान बच जाती।
मझोला गांव में उदित, शिल्पी, नैंसी, अंश, प्रांसी, माला, नकुल, अनुष्का, शिवानी, गौली, वंदना, विनय, अनमोल और अरुण समेत करीब दो दर्जन से ज्यादा बच्चे अभी भी चिकनपॉक्स की चपेट में हैं। सुग्रीव सिंह, सोनपाल, नानिकराम, अनुज कुमार, सर्वेश कुमार और रामसनेही आदि का कहना है कि यह बीमारी लगभग एक माह से चल रही है लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकत्री पिछले एक वर्ष से गांव में टीकाकरण करने नहीं आई।
चिकनपॉक्स से बच्ची की मौत पर स्वास्थ्य विभाग के प्रति ग्रामीणों में आक्रोश है। इस संबंध में चिकित्साधीक्षक डा. राजीव शाक्य का ने बताया कि मंगलवार देर शाम रश्मि को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम मझोला गांव भेजी जाएगी।