फोटो-16 लोहिया अस्पताल में एंबुलेंस से उतारे जा रहे बीमार बच्चे। संवाद
फर्रुखाबाद। कमालगंज क्षेत्र के निजी विद्यालय में एल्बेंडाजॉल दवा खिलाए जाने के बाद बच्चों के बीमार होने के मामले में चिकित्सकों ने इसे साइकोलॉजिकल प्रभाव बताया है। सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि किसी-किसी को यह हो जाता है। यह साइक्लोजिकल ज्यादा होता है। बच्चों में ऐसा देखा जाता है। कोई चिंता की बात नहीं है। सभी चिकित्सकों को तत्काल बुला लिया गया था। एक-दो बच्चों को मिचली जैसी शिकायत थी, जिनका उपचार कर दिया गया है। सभी बच्चे ठीक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे एक-दूसरे को देखकर घबरा गए, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
बच्चों ने बताई दवा के बाद बिगड़ी तबीयत की कहानी
कक्षा आठ की छात्रा शिवानी ने बताया कि दवा खाने के बाद दोपहर करीब 12 बजे उसे सिर दर्द होने लगा। स्कूल में एएनएम दवा खिलाने आई थीं। कुछ बच्चों को उल्टी हुई और देखते-देखते पूरे स्कूल के बच्चे बीमार हो गए। सूचना स्कूल प्रबंधन को दी गई। शिवानी ने बताया कि जब सर ने एएनएम को फोन किया तो काफी देर तक फोन नहीं उठा। बाद में संपर्क होने पर 102 एंबुलेंस बुलाने की बात कही गई, लेकिन एंबुलेंस काफी देर बाद पहुंची, तब तक स्कूल के वाहन से बच्चों को अस्पताल भेजा गया।
ली कि पेट में कीड़े मारने की दवा खाने के बाद बच्चे बेहोश हो रहे हैं। वह पति के साथ बाइक से स्कूल पहुंचीं तो देखा कि कुछ बच्चे बेहोश थे, जबकि कई सिर दर्द की शिकायत कर रहे थे। इसके बाद बच्चों को एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया, जहां उपचार हुआ।
फोटो-16 लोहिया अस्पताल में एंबुलेंस से उतारे जा रहे बीमार बच्चे। संवाद