फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में कुत्ते के काटने से घायल हुए 12 साल के अंशु को एंटी रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन नहीं मिला। अंशु को कन्नौज के तिर्वा मेडिकल कॉलेज से यहां रेफर किया गया था।
कन्नौज के छिबरामऊ थाने के गांव महमदपुर जागीर निवासी रामविलास का पुत्र अंशु (12) रविवार को खेत पर परिजनों को चाय देने जा रहा था। रास्ते में कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया। वहां निकले ग्रामीणों ने काफी प्रयास के बाद बच्चे को कुत्तों से छुड़ाया।
उसके सिर, दोनों जांघों, दोनों हाथ, कंधे, पेट, पीठ आदि पर कई गंभीर घाव हो गए। सिर और जांघ का काफी मांस कुत्ता नोच कर ले गए। परिजन उसे छिबरामऊ अस्पताल ले गए। वहां से तिर्वा मेडिकल काॅलेज ले जाया गया। मरहम पट्टी कराने के बाद उसे लोहिया अस्पताल में गंभीर घाव में लगने वाला एंटी रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन लगवाने के लिए भेज दिया गया। कमालगंज के गांव फतेहउल्लापुर निवासी नाना हेतराम ने बताया कि वहां से इंजेक्शन का नाम भी लिखकर दिया। यहां बैठे स्टाफ ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगा दिया, मगर जो पर्ची पर लिखा था, उसके बारे में कुछ भी नहीं बताया। उन्होंने बताया कि यहां इंजेक्शन न मिलने पर उन्होंने अपने रिश्तेदार से कानपुर से मंगवाया है। वह उसकी कीमत 5400 रुपये बता रहे हैं। बच्चे को वहीं इंजेक्शन लगवाएंगे। सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि यह मामले उनके संज्ञान में नहीं है। गंभीर घाव होने पर लगने वाला इंजेक्शन उनके यहां नहीं आता है। यदि घायल के परिजन उनके पास आते, तो परामर्श के बाद कुछ व्यवस्था की जाती।