फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में पीकू वार्ड में बच्चों के इलाज की हर व्यवस्था के बावजूद मरीज भटकने को मजबूर हैं। एक दंपती मासूम को लेकर डेढ़ घंटे तक भटकता रहा। इसके बाद भी उसे बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिल सके। मजबूरी में इमरजेंसी के ईएमओ ने पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। ड्यूटी डॉक्टर दोपहर 12 बजे तक नहीं पहुंचे।
शहर के गांव पपियापुर निवासी महिपाल की पांच माह की बेटी आरजू को पांच दिन से बुखार आ रहा था। गांव में इलाज कराने के बाद सुधार नहीं हुआ, तो वह रविवार सुबह 10 बजे अपनी पत्नी रुचि पाल के साथ बच्चे लेकर इमरजेंसी पहुंची। वहां डॉक्टर ने पीकू वार्ड में बालरोग विशेषज्ञ को दिखाने की बात कह दी। दंपती बालिका को लेकर पीकू पहुंचे। मगर आधा घंटे तक बैठने के बाद भी ड्यूटी डॉ. अजय सूद नहीं आए। स्टाफ ने उन्हें फिर से इमरजेंसी भेज दिया। परिजन इमरजेंसी पहुंचे। ईएमओ ने बालरोग विशेषज्ञ को दिखाने की बात कह दी। करीब डेढ़ घंटे तक इमरजेंसी और पीकू वार्ड के चक्कर लगाने के बाद बच्ची की मां इमरजेंसी में गिड़गिड़ाने लगी। गरीबी का हवाला देने लगी तब ईएमओ ने उसे पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कर लिया। ईएमओ डॉ. रविरतन ने बताया कि बालरोग विशेषज्ञ को कॉल करके बुलाया जाएगा। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि इतनी देर भटकने की जानकारी नहीं मिली। यदि ऐसा है, तो वह संबंधित से स्पष्टीकरण तलब करेंगे।
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