फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की खरीद होने के बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सीबीसी जांच शुरू नहीं हो सकी। पिछले आठ माह से रीजेंट (केमिकल) न होने से मशीनें ठप पड़ी हैं। इससे मरीज निजी पैथोलॉजी से जांच कराने को मजबूर हैं।
सरकार स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। विभाग को हर वर्ष करोड़ों रुपये बजट मिलता है। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए शासन के निर्देश पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इन दिनों स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला रहा है। अधिकारी व्यवस्थाओं के लिए गंभीर नहीं है।
हालात पर नजर डालें तो सिविल अस्पताल लिंजीगंज, सीएचसी बरौन, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज, शमसाबाद, कमालगंज, राजेपुर, कायमगंज, कंपिल में लाखों रुपये कीमत की सीबीसी मशीनें लगाई गईं हैं। इन मशीनों से सीबीसी जांच के लिए पिछले करीब 8-10 माह से रीजेंट (केमिकल) नहीं है। इससे मरीजों व गर्भवती महिलाओं की सीबीसी जांच नहीं हो पा रही है। पूछने पर अधिकारियों के पास एक ही जवाब होता है। खरीद की प्रक्रिया चल रही है।
ऐसे में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए सीएचसी पर जाने वाले मरीजों को भी सीबीसी जांच के लिए निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्थाओं के चलते अवैध पैथोलॉजी का बाजार फल फूल रहा है। सीबीसी जांच के लिए मरीजों को 200 रुपये से भी अधिक खर्च करना मजबूरी है। स्वास्थ्य विभाग में मार्च में ही करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की गई है, इसके बावजूद अस्पतालों की सीबीसी मशीनें चालू नहीं हो सकीं।
शुगर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं इन दिनों स्कूलों में दाखिला के लिए बच्चों के विवरण के साथ उनका ब्लड ग्रुप भी मांगा जा रहा है। शुगर व ब्लड ग्रुप की जांच के लिए लोग सरकारी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। हालात यह हैं कि अधिकांश पीएचसी व सीएचसी में ग्लूको स्टिक न होने से शुगर की जांच ठप हैं। वहीं रीजेंट न होने से ब्लड ग्रुप की जांच नहीं हो पा रही है। इससे जरूरतमंद मायूस होकर अस्पतालों से लौट रहे हैं।
स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव ने बताया कि रीजेंट की खरीद कर ली गई है। सोमवार को सभी सीएचसी पर वितरण कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रभारी सीएमओ/एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि सोमवार को सभी सीएचसी में रीजेंट भिजवाकर सीबीसी जांच शुुरू कराई जाएगी। इसके अलावा शुगर व ब्लड ग्रुप की जांच कराने के भी इंतजाम पूरे कराए जाएंगे।