कमालगंज। पुलिस किस तरह घटना को मोड़ कर नई कहानी गढ़ती है। इसकी गवाह कमालगंज थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम मारे गए मोरों की घटना है। मोर मारने के आरोप में पकड़े गए दो लोगों को कागजों में वनरोज का शिकारी बताकर आर्म्स एक्ट में चालान कर दिया। दरोगा को मारे गए मोर गांव में खोजने पर नहीं मिले। रविवार को गांव वालों ने मारे गए दोनों मोर पुलिस को सौंप दिए।
कमालगंज थाना के गांव सदरियापुर में शनिवार की शाम करीब 4.30 पर ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया था। गांव वालों ने फायरिंग करने वालों की घेराबंदी की। तीन लोग गांव वालों को आता देख फरार हो गए थे। दो लोगों को ग्रामीणों ने मौके पर बंदूक के साथ पकड़ लिया था। इसकी पुलिस को सूचना दी गई। दरोगा छेदालाल दिवाकर पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे।
ग्रामीणों ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने मोरों का शिकार किया है। मोर झाड़ियों में कहीं पर गिरे हैं, खोजने पर वह मिल जाएंगे। पुलिस ने मोरों को खोजने की खानापूरी की और दोनों पकड़े गए युवकों को थाने ले आई। इन युवकों के खिलाफ दरोगा छेदालाल ने रविवार को आर्म्स एक्ट का मुकदमा लिखाकर चालान कर दिया। दोपहर बाद गांव सदरियापुर के लोगों ने नाले के पास पतेल में दो मोर के शव पड़े देखे। इसकी जानकारी मिलने पर दरोगा छेदालाल दोबारा गांव पहुंचे और दोनों मोर के शवों को अपने साथ लेकर चले आए। दरोगा छेदालाल ने बताया कि जरारी गांव के रहने वाले इफ्तिखार और मोहसिन को पकड़ा था। इनका आर्म्स एक्ट में चालान किया गया है। इनके पास से एक बंदूक और सात कारतूस बरामद हुए थे।