लोहिया अस्पताल में बुधवार को खून की जांच में सेंट्रल जेल के चार कैदियों को मलेरिया और पांच कैदियों समेत 28 को टाइफाइड की पुष्टि की गई। बुधवार को अस्पताल में 749 मरीजों ने पंजीकरण कराया।
सेंट्रल और जिला जेल में बुखार से पीड़ित कैदियों को मलेरिया और टाइफाइड की शिकायत निकल रही है। इसको लेकर जेल प्रशासन ने जेलों में मच्छर मारने के लिए छिड़काव कराना शुरू कर दिया है।
सेंट्रल जेल के अधीक्षक वेद प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को जेल के अंदर छिड़काव कराया गया। उधर, जिला जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी को पत्र लिखकर जेल में छिड़काव कराने की बात कही थी लेकिन उनके ओर से कोई छिड़काव नहीं कराया गया।
जेल में बुखार से पीड़ित मरीजों का चेकअप होता है। इसके बाद उन्हें लोहिया अस्पताल भेजा जाता है। उधर, लोहिया अस्पताल में बुधवार को 749 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। यहां पर पांच मरीजों को डेंगू की आशंका पर जांच कराई गई।
हालांकि इन मरीजों को इसकी पुष्टि नहीं हुई। 78 मरीजों को मलेरिया की जांच कराई गई। इनमें चार मरीजों को मलेरिया की पुष्टि हुई, जिसमें शहर के गांव अमेठी कोहना निवासी प्यारीरानी पत्नी आशाराम, गांव खानपुर निवासी नैंसी पुत्री रामू, मोहल्ला बगंशपुरा कोहना निवासी मोहित पुत्री नन्हेलाल, मोहम्मदाबाद के गांव मुड़गांव निवासी रामवीर पुत्र बच्चा सिंह शामिल हैं। वहीं 62 मरीजों को टाइफाइड की जांच की गई।
इनमें सेंट्रल जेल के कैदी मुलायम सिंह, सुरेश, राजेंद्र, वसीम और रामसेवक समेत 28 मरीजों को टाइफाइड की पुष्टि की गई। फिजीशियन कक्ष के बाहर मरीजों की काफी भीड़ जमा रही।