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सेंट्रल जेल में कैदी ने अपना गला काटा

Thu, 14 Jan 2016 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ सेंट्रल जेल के शौचालय में कैदी ने धारदार चीज से गले की नस काटकर खुदकुशी का प्रयास किया। हरदोई जिले का रहने वाला कैदी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। लोहिया अस्पताल में डेढ़ घंटे चले आपरेशन के बाद कैदी को कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। इसी से उसने यह कदम उठाया।
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हरदोई जिले के कछौना थाने के भसेन गांव का उमाकांत उर्फ पिंटू (33) पुत्र मोहनलाल हत्या के मामले में सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। गुरुवार सुबह करीब 7.40 बजे उमाकांत ने शौचालय में धारदार चीज से अपने गले की नस काट ली। उमाकांत की चीख सुनकर साथी कैदियाें ने उसे लहूलुहान हालत में शौचालय से बाहर निकाला।

बंदी रक्षक उमाकांत को आनन फानन लोहिया अस्पताल लेकर आए। ईएनटी सर्जन डाक्टर मनोज कुमार रतमेले ने लोहिया अस्पताल में कैदी का आपरेशन किया। उन्होनेे बताया कैदी कागला ब्लेड  से कटा नहीं लग रहा था। डेढ़ घंटे चले आपरेशन के बाद उमाकांत की जान बचाई जा सकी। उसने किसी धारदार हथियार से अपने गले पर वार किया है।
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उधर, सेंट्रल जेल के अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि उमाकांत वर्ष 2008 में हरदोई जेल से यहां आया था। उसे हत्या में आजीवन और जानलेवा हमले में 10 साल कैद की सजा हुई है। उन्होंने बताया कि 12 नवंबर 2014 को कैदी की मानसिक स्थिति ठीक न होने से उसका इलाज वाराणसी के मानसिक रोग चिकित्सालय में कराया गया। उमाकांत इलाज के बाद सेंट्रल जेल में जून 2015 को दोबारा आया था।

सेंट्रल जेल के अधीक्षक ने कहा कि युवावस्था में उम्रकैद की सजा होने पर ज्यादातर कैदियों का मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है। इस घटना के पीछे भी ऐसा ही है। उन्होने बताया गला काटने वाली कोई वस्तु बरामद नहीं हुई। कैदी के आने के बाद ही इसकी जानकारी हो पाएगी।
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