फर्रुखाबाद। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों का पुष्टाहार खुलेआम बाजार में बेच दिया गया। इसका वीडियो वायरल होने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। नोटिस का जवाब ने देने पर डीपीओ ने सीडीपीओ को अपने कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। जांच के लिए 13 अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी गई है।
राजेपुर ब्लाक की बाल विकास परियोजना में आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत लाभार्थियों (बच्चे, गर्भवती, किशोरियां) के लिए अप्रैल का पुष्टाहार नैफेड द्वारा आपूर्ति कर दिया गया। इसके बाद सीडीपीओ कार्यालय से स्वयं सहायता समूहों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामग्री भेजी गई। 17 मई को टेंपो में लदी पुष्टाहार (दाल, खाद्य तेल, दलिया आदि) सामग्री शहर के लिंजीगंज बाजार में पकड़ी गई। पूछताछ में टेंपो चालक ने पूरी पोल खोल दी। इसका वीडियो वायरल हो गया। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह के पास भी वीडियो पहुंचा। इससे मामला सुर्खियों में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर डीपीओ भारत प्रसाद ने सीडीपीओ संजय सचान से स्पष्टीकरण तलब किया।
उन्होंने नोटिस में टेंपो चालक का विवरण, टेंपो में लदा राशन किन-किन आंगनबाड़ी केंद्रों का था। टेंपो पर लदी सामग्री का विवरण और टेंपो बुक कराने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के नाम मांगे थे। नोटिस में पूछे गए चार बिंदुओं पर जवाब न मिलने पर डीपीओ ने राशन की कालाबाजारी में सीडीपीओ की संलिप्तता व वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का दोषी मानते हुए अपने कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। राजेपुर ब्लाक के सभी 203 आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच के लिए न्याय पंचायतवार 13 अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी गई। इससे लाभार्थियों का राशन बेचने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सीडीपीओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।