संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। सीएचसी की लैब में केमिकल न होने से एक माह से सीबीसी जांचे बंद हैं। इससे मरीजों को 300 रुपये खर्च कर बाहर से जांचे कराना पड़ रही हैं। ओपीडी में करीब 700 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें 70 प्रतिशत मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। जांच कराने के लिए मरीजों मजबूरी में अधिक दाम खर्च कर बाहर से करानी पड़ रही है। वहीं बायो केमिस्ट्री की मशीन दो साल से बंद हैं।
गर्मी और बरसात की वजह से कई तरह के बीमारियों से ग्रसित मरीज सीएचसी पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा मरीज बुखार से ही पीड़ित होते हैं। लैब में 13 जुलाई को सीबीसी मशीन का केमिकल खत्म है। तब से यहां सीबीसी की जांचे बंद पड़ी हैं। बायो केमिस्ट्री की मशीन दो साल से खराब पड़ी थी। पिछले साल इसकी मरम्मत कर चालू कर दिया गया, लेकिन जांच एक भी नहीं हुई।
अब बताया जा रहा है उसका भी केमिकल नहीं है। इसलिए दोनों मशीनों को कपड़े से ढक दिया गया है। लैब में मलेरिया, विडाल, एएनसी की ही जांचे हो रही हैं। शुक्रवार को लैब टेक्नीशियन राजपाल, बृजेश, सहायक शिवकुमार, अनूप कुमार ने बताया गया कि आज 29 मलेरिया, 29 विडाल, 16 एएनसी की जांचे की गईं। उन्होंने बताया कि बायो केमेस्ट्री मशीन से ब्लड शुगर, पीलिया, एसजीपीटी, गुर्दे, ब्लड यूरिया, क्रेटनिन, प्रोटीन व खून से संबंधित कई जांचे होती हैं।
यह जांचे हजारों रुपये में बाहर होती हैं। लैब में मशीन तो है मगर इसकी सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही है। सीबीसी मशीन बंद होने से यहां आने वाले मरीजों को लोहिया अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है। मरीज 30 किमी दूर जिला अस्पताल के चक्कर काटने के बजाय 300 रुपये खर्च कर निजी पैथोलॉजी से जांच करवा रहे हैं।
चिकित्साधीक्षक डॉ विपिन कुमार ने बताया कि केमिकल के लिए दो बार डिमांड की जा चुकी है। अब फिर से पत्र भेजा जाएगा। यहां आने वाले मरीज अपनी मर्जी से बाहर से जांचे करा रहे हैं। मरीजों की सुविधा के लिए जल्द ही केमिकल की व्यवस्था कराई जाएगी।