फर्रुखाबाद। दो माह पहले माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट में पंजीकृत 60 विद्यार्थी ऐसे पाए थे, जिनका प्रवेश दो-दो विद्यालयों में हो गया था। इस मामले में विभागीय ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूरी की गई। कुछ प्रधानाचार्यों को सिर्फ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगते हुए मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
दिसंबर में परिषद स्तर पर जब यूपी बोर्ड परीक्षा के आवेदन पत्रों की जांच की गई तो जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के 60 विद्यार्थी ऐसे पाए गए थे, जिनके प्रवेश दो विद्यालयों में हो गए। उप सचिव ने नाराजगी जताते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक से जवाब तलब किया था। परिषद ने दो जगह प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं की सूची भी भेजी थी।
डीआईओएस ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाते हुए कुछ प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी किए थे। डीआईओएस ने भी माना था कि आवेदन पत्रों के सत्यापन में चूक होने से दो जगह प्रवेश हो गए। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा था। सूत्रों ने बताया कि जांच समिति ने रिपोर्ट दी थी कि बिना टीसी के छात्र-छात्रा का प्रवेश दूसरे विद्यालय में कैसे ले लिया गया। विद्यालय दोषी भी पाए गए थे। मगर कर्मचारियों ने सांठगांठ कर मोटी रकम लेते हुए मामला रफा-दफा कर दिया गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि विद्यालय का यू-डायस कोड होने के चलते अब अगर कोई बच्चा किसी दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेगा तो उसका नाम पहले उस विद्यालय से हटाया जाएगा, जहां वह पंजीकृत है। जब तक वह बच्चा उस विद्यालय से नहीं हटेगा, तब तक उसका नाम संबंधित विद्यालय के यू-डायस पोर्टल पर दिखाता रहेगा।