फर्रुखाबाद। आत्महत्या के लिए उकसाने में बंद अपचारी के खिलाफ जमानत के लिए कोर्ट में जन्मतिथि के फर्जी प्रपत्र लगाने के मामले में एएसपी के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। जमानत पर छुड़वाने के लिए जन्म तिथि में हेराफरी कर प्रपत्र किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किए गए थे। प्रपत्रों में पिता का नाम भी भिन्न पाया गया। संदेह होने पर किशोर न्याय बोर्ड के न्यायाधीश ने फतेहगढ़ कोतवाल को जांच के लिए प्रपत्र भेजे। सरह चौकी इंचार्ज को जांच में हेराफेरी के पर्याप्त साक्ष्य मिल गए। इस पर चौकी इंचार्ज ने अपचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी को पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी।
किशोर न्याय बोर्ड के न्यायाधीश ने पांच सितंबर को फतेहगढ़ कोतवाल को अपचारी की जन्म तिथि के सत्यापन को पत्र भेजा था। इसमें बताया कि अपचारी आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बंद है। वादी पक्ष की ओर से अपचारी की जन्म तिथि 25 जुुलाई 1997 के प्रपत्र दिए गए हैं। इसमें पूर्व माध्यमिक स्कूल बर्राखेड़ा राजेपुर से कक्षा सात की पढ़ाई करना बताया गया। अपचारी की ओर से जनपद हरदोई थाना बिलग्राम के आर्दश बालिका स्कूल से वर्ष 2016 में हाईस्कूल पास करने का प्रमाण पत्र व अंक पत्र दाखिल किया गया है। इसमें अपचारी की जन्म तिथि 10 जुुलाई 2001 बताई गई है। बर्राखेड़ा स्कूल के प्रधानाध्यापक कृष्ण बल्लभ तिवारी ने साक्ष्य देकर अपचारी की जन्म तिथि 25 जुलाई 1997 बताई और बयान दिया कि इसके बाद लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उसका नाम 15 मई 2008 को काट दिया गया। उनके स्कूल से अपचारी की टीसी भी नहीं जारी की गई। आदर्श बालिका स्कूल बिलग्राम हरदोई के प्रधानाध्यापक सत्य कुमार ने अपचारी को कक्षा आठ तक पढ़ना बताया और उसकी जन्मतिथि 10 जुुलाई 2001 बताई और पिता का नाम मंजीत दर्ज होना बताया। जबकि अपचारी की ओर से दाखिल किए गए हाईस्कूल के प्रमाण पत्र व अंकपत्र में अपचारी की मां का नाम सीता देवी, पिता रामपाल लिखा है। कोतवाल ने न्यायाधीश का पत्र मिलने पर प्रकरण की जांच सरह चौकी इंचार्ज भभूति प्रसाद को दी थी।