फर्रुखाबाद। वाह री पुलिस! दफनाए गए नवजात बच्चे के शव को पुलिस ने बंदर के बच्चे का बता दिया। नवजात का फोटो देखते ही चौकी इंचार्ज के होश फाख्ता हो गए। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और दफनाए गए बच्चे के शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की कार्यशैली खासी चर्चा में है।
शहर कोतवाली के नखास चौकी क्षेत्र के मोहल्ला अंगूरी बाग निवासी कृपा शंकर शाक्य का 10 बीघे के खाली मैदान पड़ा है। प्लाट के एक कोने में बस्ती के लोग कूड़ा डाल देते हैं। यहां एक नवजात बच्चे का शव मिला था। गुरुवार सुबह करीब सात बजे सूअर ने जैसे ही नवजात में मुंह मारा, तो युवक ने उसे छुड़ा दिया। शोर होने पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस दौरान मोहल्ले के एक युवक ने नवजात के शव की फोटो भी ले ली।
मौके पर पहुंचे एक सिपाही के कहने पर कुछ युवकों ने प्लाट में गड्ढा खोदकर नवजात के शव को दफन कर दिया। चौकी प्रभारी विद्यासागर तिवारी से यह पूछने पर कि बिना पोस्टमार्टम के शव क्यों दफना दिया गया, उन्होंने बताया कि शव बंदर के बच्चे का था। इस लिए मोहल्ले वालों ने दफन करवा दिया। दोपहर जब चौकी इंचार्ज को नवजात का फोटो दिखाया गया तो वह आनन-फानन मौके पर पहुंचे। शव को गड्ढे से निकलवाकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस कार्यशैली की मोहल्ले में खासी चर्चा रही।