फर्रुखाबाद। ओडीएफ प्लस, हरित क्षेत्र को बढ़ाने सहित अन्य योजनाओं का सफल संचालन छावनी परिषद को स्वच्छ बनाने में सहायक रहा। अधिशासी अधिकारी के निर्देशन में क्षेत्र में कई योजनाओं से स्वच्छता को बढ़ावा मिला। कूड़े से खाद बनाने की मुहिम और रंग लाई। वर्ष 2021 में देश में 56वें स्थान पर रहने वाले छावनी परिषद को इस वर्ष 13वां स्थान मिला है।
स्वच्छ सर्वेक्षण की गुरुवार को आई रिपोर्ट में फतेहगढ़ छावनी परिषद को 13वां स्थान मिला। स्वच्छता रैंकिंग में हुए सुधार का पूरा श्रेय अधिशाषी अधिकारी को जाता है। अधिशाषी अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि उन्होंने डोर टू डोर कूडा एकत्र करने की योजना को और सख्ती से लागू किया। क्षेत्र को ओडीएफ प्लस बनाने के साथ ही हरितिमा की ओर लोगों को लगाया। पूरे क्षेत्र में विभिन्न तरह के पौधे लगाए गए।
इसके साथ ही कर्मचारियों को लगाकर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। कूडे से खाद बनाने के लिए पांच टन प्रतिदिन की क्षमता का प्लांट लगाया गया है। इससे बनने वाली खाद को पौधों में डालकर उन्हे विकसित करने में मदद मिल रही है। कूडा निस्तारण के साथ ही लोगों को जागरूक करने से क्षेत्र को और स्वच्छ बनाने में सहायता मिली है। बताया कि वर्ष 2021 के स्वच्छता सर्वेक्षण में परिषद को 56वां स्थान मिला था। वहीं, 2022 में 22वें स्थान से संतोष करना पड़ा। प्रथम 10 स्थान के भीतर रेटिंग लाने की कवायद ने अपना रंग दिखाया है। बताया कि वर्ष 2024 में प्रथम पांच छावनी क्षेत्रों में फतेहगढ़ को शामिल करने का प्रयास करेंगे।