संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। बिजली विभाग का स्टोर सामग्री से खाली है। वहां न तो बंच केबल है और न ही तार। ट्रांसफार्मर न होने से किसान नलकूप का कनेक्शन लेने के बाद भी भटक रहे हैं। इससे जहां किसान परेशान हैं, वहीं कर्मचारियों के लिए बिजली व्यवस्था संभालना चुनौती है।
जिले में बिजली व्यवस्था बदहाल है। रिवैंप्ड योजना की धीमी प्रगति के चलते जर्जर लाइनें उपभोक्ताओं को रुला रही हैं। वहीं बेवर रोड भोलेपुर स्थित बिजली विभाग का स्टोर इन दिनों सामग्री से खाली है। वहां जर्जर लाइनें बदलने के लिए बंच केबल उपलब्ध नहीं है। इससे कर्मचारियों को टूटी बंच केबल जोड़कर फीडर चलाने में पसीना छूट रहा है। वहीं लोकल फाल्ट में बिजली आपूर्ति बाधित रहने से उपभोक्ता गर्मी में बिलबिला रहे हैं।
इसके अलावा राजकीय नलकूपों से भरोसा उठने से किसान फसलों की सिंचाई के लिए निजी नलकूप लगवा रहे हैं। छूट की योजना न होने से ट्रांसफार्मर, पोल, तार आदि सामग्री का इस्टीमेट के हिसाब से लाखों रुपये विभाग में जमा करते हैं। पैसा खर्च करने के बावजूद उन्हें विद्युत सामग्री समय से नहीं मिल पा रही है। हालात यह हैं कि स्टोर में 11केवी लाइन बनाने के लिए न तार मिल पा रहा है और न ही ट्रांसफार्मर। इससे किसान स्टोर के चक्कर लगाने के बावजूद अपना नलकूप चालू नहीं कर पा रहे हैं।
54 नलकूपों की फाइलें पेंडिंग
किसानों के नलकूपों का कनेक्शन स्वीकृत होने के बाद उनके धनराशि जमा करा ली गई। एक माह गुजर गया, लेकिन उन्हें स्टोर से ट्रांसफार्मर और तार नहीं मिल पा रहा है। हालात यह हैं कि स्टोर में 25 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर न होने से किसानों की 54 फाइलें पेंडिंग में पड़ी हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
स्टोर के सहायक अभियंता दिलीप कुमार गंगवार ने बताया कि जिले में रिवैंप्ड योजना संचालित होने से बंच केबल आती ही नहीं है। करीब 15 दिन से ट्रांसफार्मर नहीं हैं। 54 किसानों को ट्रांसफार्मर की जरूरत है। डिमांड भेजी गई है। दो-तीन दिन में 24 ट्रांसफार्मर की गाड़ी आने वाली है। 11केवी लाइन के लिए तार जनपद कन्नौज से उधार के तौर पर मंगवा रहे हैं। इसी सप्ताह काफी हद तक समस्याएं निस्तारित होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि केबल बाक्स, स्टे वायर सहित 88 आइटम की हाल ही में आपूर्ति हुई है।