नेहरू रोड पर सराफा की दुकानें बंद कराते पदाधिकारी।
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फर्रुखाबाद/कमालगंज। मथुरा में सराफा कारोबारी की लूट के बाद हुई हत्या के विरोध में शुक्रवार को जिले में सराफा कारोबारियों ने बाजार बंद रख कर विरोध जताया। शहर में डीएम, एएसपी और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर कारोबारियों की सुरक्षा की मांग की। उत्तर प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन के आह्वान पर श्री सराफा कमेटी फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ की ओर से सराफा कारोबारियों से बाजार बंदी करने का आह्वान किया गया था। इस पर शुक्रवार को फतेहगढ़ और फर्रुखाबाद युग्म नगरों में स्थित सराफा की दुकानें बंद रहीं।
घुमना पर सराफा व्यापारी एकत्र हुए और व्यापार मंडल मिश्र गुट के प्रांतीय महामंत्री अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी रवींद्र कुमार और एएसपी अशोक कुमार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मथुरा में सराफ की हत्या और लूट की घटना से साफ हो गया है कि सराफा कारोबारियों की सुरक्षा राम भरोसे है। प्रांतीय महामंत्री ने कहा कि प्रदेश भर के सराफा कारोबारी सालाना 200 करोड़ रुपये का रेवेन्यू देने के साथ ही आयकर व अन्य कर अदा करते हैं।
इसके बावजूद उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने मांग की कि जरूरतमंद सराफा कारोबारी को शस्त्र लाइसेंस मुहैया कराए जाएं। इस अवसर पर गोपाल शर्मा, मनोज रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, दीपक अग्रवाल, संजीव मिश्र, हरिश्चंद्र वर्मा, कुमारचंद्र वर्मा, सोनू गुप्ता, राजीव शुक्ल, अमन वर्मा, प्रमोद वर्मा, नीरज कनौजिया और राजेश वर्मा आदि मौजूद रहे।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार सर्राफा कारोबारियों ने दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। सराफा कमेटी के नगर अध्यक्ष ध्रुव प्रकाश मिश्र ने कहा कि यदि सर्राफा व्यापारियों के साथ हुई लूट और हत्या की घटना का खुलासा जल्द न हुआ तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर दुष्यंत कुमार, सुरेशचंद्र गुप्ता, अमित कुमार, मोहन वर्मा, राजेश कुमार, वीकेश वर्मा और रमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।